पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत बड़ौली और पपदेव में पानी की जबर्दस्त किल्लत होने लगी है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कहीं एक दिन छोड़कर तो कहीं एक सप्ताह में मुश्किल से 15 मिनट पानी मिल रहा है। पानी नहीं आने से दोनों ग्राम पंचायत की करीब तीन हजार की आबादी परेशान है।
कृषि प्रधान गांव पपदेव में पानी की किल्लत से काश्तकार बेहद परेशान हैं। बड़ौली में लोग लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पौंण पंपिंग पेयजल योजना से गांव में लोगों के पास कनेक्शन तो हैं लेकिन मुश्किल से 15 मिनट भी मुश्किल से पानी मिल पा रहा है। ग्राम पंचायत पपदेव में भैंसपातल शिव मंदिर स्रोत से गांव को पानी की सप्लाई की जाती है। स्रोत का पानी सूखने से पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। पानी के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत के लोगों का कहना है कि आंवलाघाट पेयजल योजना से उन्हें पानी की सप्लाई की जाए तो राहत मिलेगी। मवेशियों के लिए भी पीने का पानी मुश्किल से मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को गांव में संचालित योजनाओं से पेयजल लाइन जोड़नी चाहिए।
18पीटीएच03पी- पिथौरागढ़ पपदेव में सूखे पेयजल स्रोत को दिखाते ग्रामीण। संवाद
पौंण में भी पानी की समस्या
पिथौरागढ़। ग्राम पंचायत पौंण में कोट और तल्ली पौंण में पानी की समस्या हो रही है। गर्मी के मौसम में पानी नहीं आने से लोग बेहद परेशान हैं। प्रधान प्रतिनिधि महिपाल वल्दिया ने बताया कि गांव के कुछ हिस्सों में पानी की समस्या है। इसका जल्द समाधान निकाला जाएगा।
पौंण पंपिंग पेयजल योजना से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। गर्मी के मौसम में पानी के लिए काफी जूझना पड़ रहा है। घर और मवेशियों के लिए पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। आंवलाघाट पेयजल योजना से गांव के लिए पानी दिया जाना चाहिए ताकि पानी की भविष्य में कोई समस्या न रहे। - हिमांशु भट्ट, बड़ौली, स्थानीय।
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गर्मी में पेयजल स्रोत सूख जाने से काफी मुश्किल हो गई है। इसी स्रोत का पानी लोग सालों से पी रहे हैं। स्रोत से बहने वाले पानी के लिए एक स्टोरेज टैंक का निर्माण करने के साथ ही अन्य योजना से गांव में पानी की व्यवस्था की जाए तो भविष्य में दिक्कत नहीं होगी। - राजेश कुमार, पूर्व प्रधान, पपदेव।
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