पिथौरागढ़। बीडी पांडे जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट की सुविधा शुरू हो गई है। अस्पताल के रक्तकोष विभाग में ब्लड कंपोनेंट बनाने का ट्रायल सफल रहा। अब रक्तकेंद्र में रक्त की बचत भी होगी। ट्रायल के दौरान 300 एमएल प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, 450 एमएल पैक्ड सेल बनाए गए। हालांकि प्लेटलेट्स को डिमांड (मांग) पर रखा गया है।
जिला अस्पताल के रक्तकेंद्र में ब्लड कंपोनेंट यूनिट संचालन का रास्ता सफल ट्रायल के बाद साफ हो गया है। रक्त केंद्र में करीब 10 मिनट में 450 एमएल रक्त से 300 एमएल प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पैक्ड सेल बनाए गए। प्लाज्मा को दूसरे बैग में ट्रांसफर कर सील किया गया। प्लाज्मा को माइनस 40 डिग्री तापमान में फ्रीजर में रख दिया गया है जिसे एक साल तक उपयोग में लाया जा सकता है जबकि पैक्ड सेल में सेगम मिलाकर उसे अलग रखा गया।
रक्तकेंद्र प्रभारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ब्लड कंपोनेंट यूनिट का ट्रायल सफल होने के बाद अब मरीजों को पूरा खून नहीं चढ़ाना पड़ेगा। झुलसे मरीज को सिर्फ प्लाज्मा चढ़ाया। डेंगू मरीज को प्लेटलेट्स दिया जाएगा जबकि पैक्ड सेल किसी भी सामान्य मरीज को दिए जा सकेंगे। ब्लड के कंपोनेंट उपचार में काफी मददगार होते हैं।
ताजे रक्त से छह घंटे में ब्लड कंपोनेंट बनाने जरूरी
पिथौरागढ़। रक्तकेंद्र प्रभारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ताजे रक्त से छह घंटे के भीतर ब्लड कंपोनेंट बनाने जरूरी होते हैं। इसके बाद कंपोनेंट नहीं बनाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पैक्ड सेल का उपयोग 30 दिन में करना होता है इसके बाद यह खराब हो जाता है। हालांकि इसमें सेगम (लिक्विड) डालने से इसका उपयोग 45 दिन तक हो सकता है। प्लेटलेट्स डिमांड पर बनाई जाएंगी। प्लेटलेट्स का उपयोग सात दिन में करना जरूरी होता है। संवाद
दो साल से हो रहा था इंतजार
पिथौरागढ़। ब्लड कंपोनेंट यूनिट संचालन का दो साल से इंतजार हो रहा था। ब्लड कंपोनेंट बनाने के लिए पांच मशीन भी स्थापित कर दी गई थी लेकिन लाइसेंस नहीं मिलने के कारण यूनिट संचालन नहीं हो पा रही थी। इस साल मार्च में लाइसेंस मिलने के बाद इसका ट्रायल किया गया। संवाद
स्टाफ की होगी मांग
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल के रक्तकेंद्र में ब्लड कंपोनेंट यूनिट संचालन के लिए स्टाफ की मांग की जाएगी। रक्तकेंद्र प्रभारी ने बताया कि स्टाफ के लिए जल्द ही शासन को पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा रक्तकेंद्र में तैनात स्टाफ को ब्लड कंपोनेंट यूनिट संचालन के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। संवाद