डीडीहाट/पिथौरागढ़। अटल आदर्श गांव में शामिल डीडीहाट के सिटोली गांव में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। यहां के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। पशुपालन और कृषि वाले इस गांव में केवल एक घंटे पानी की आपूर्ति होती है। गांव में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है।
अटल आदर्श गांव में चयनित गांवों को 16 सुविधाएं मिलनी थीं। इनमें सड़क और पेयजल प्राथमिकता में था, लेकिन डीडीहाट के सिटोली गांव के लोगों को यह जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकी। यहां के अधिकांश परिवार खेती, पशुपालन हैं। कुछ लोग डीडीहाट बाजार में व्यवसाय करते हैं। यातायात सुविधा न होने से इन सभी लोगों को गांव से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। किसी के बीमार होने पर डोली में रखकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। नलों में केवल एक घंटे ही पानी आता है। ऐसे में पशुपालकों को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ता है। खेती से जुड़े लोगों के लिए सिंचाई की सुविधा नहीं है, जबकि गांव के पास ही चर्मा नदी बहती है। आदर्श गांव में शामिल होने के बाद भी गांव के लिए सिंचाई योजना नहीं बनाई गई। गांव की संचार व्यवस्था भी बदहाल है। मोबाइल में भी कमजोर नेटवर्क से लोगों को इंटरनेट सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता है। आंगनबाड़ी केंद्र और सस्ता गल्ला की दुकानें तो हैं लेकिन बैंकिंग के लिए लोगों को डीडीहाट ही आना पड़ता है।