पिथौरागढ़। लिंठ्यूड़ा में बेस अस्पताल का संचालन उधार के डॉक्टरों से शुरू तो हो गया है लेकिन जिन अस्पतालों (जिला और महिला अस्पताल) से यहां डाक्टर तैनात किए गए हैं वहां आए मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बेस अस्पताल का शुभारंभ सोमवार को हो गया है। पहले दिन दो-तीन जिला अस्पताल, एक महिला अस्पताल और अन्य डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया। हालांकि, बेस में तैनाती को लेकर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों में काफी उत्साह दिखा लेकिन मरीजों की कम भीड़ ने उन्हें निराश कर दिया। पहले दिन बेस में इलाज के लिए करीब 12 मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल के एक दंत चिकित्सक, मनोचिकित्सक, चर्म रोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल के एक डॉक्टर की ड्यूटी बेस में लगाई गई थी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद बरोनिया ने बताया कि अस्पताल में पांच मेडिकल ऑफिसर अलग-अलग जगह से मिले हैं। 15-15 दिन के लिए रोटेशन में चार डॉक्टर अपनी सेवाएं एक मार्च से बेस में देने आएंगे। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के लिए स्टाफ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य निदेशालय देहरादून के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
डीएम रीना जोशी ने बताया कि बेस अस्पताल का जल्द से जल्द संचालन करने के लिए जरूरी सामान आ चुका है। प्रथम चरण में ओपीडी शुरू की गई है। डॉक्टरों की तैनाती भी कर दी गई है। आईसीयू बेड भी लगाए जाएंगे। शासन से पीजी डॉक्टर मिलने के बाद ओटी भी शुरू की जाएगी।
जिला अस्पताल में नहीं मिला दांत का इलाज
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल के दंत विभाग में तैनात तीन डॉक्टरों में से एक की ड्यूटी बेस में लगाई गई है जबकि दो अवकाश पर थे। इस कारण दांत के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बंद कमरा देखकर कई लोग मायूस होकर लौट गए। हालांकि, जिला अस्पताल के चर्म और मनोचिकित्सकों ने पहले जिला अस्पताल में आए मरीजों का इलाज किया इसके बाद वे बेस में गए।
कंडिशनल हैंडओवर पर हो रहा संचालन
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल का संचालन कंडिशनल हैंडओवर पर किया जा रहा है। इसके संचालन का जिम्मा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद बरोनिया को दिया गया है, जबकि कंडिशनल हैंडओवर के दौरान स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, ब्रिडकुल, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कागजों पर किए हैं। संवाद