नाचनी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के मल्ला भैंसकोट निवासी बारहवीं कक्षा के छात्र प्रकाश राम के जीवन में आयुर्वेद चिकित्सा से खुशियां लौट आईं हैं। प्रकाश की पिछले छह माह से पीठ पर उभरतीं गांठें आयुर्वेद चिकित्सा से पूरी तरह ठीक हो गईं हैं।
जीआईसी बांसबगड़ में पढ़ने वाले प्रकाश राम की पीठ पर छह माह से दोनों ओर बड़ी-बड़ी गांठें उभर आईं। ये गांठें बेहद पीड़ा के साथ उभरती जा रहीं थीं। बेटे के इलाज के लिए उसके पिता देव राम ने अपनी बकरियां 70 हजार में बेच दीं। साथ ही कुछ चंदा एकत्र कर हल्द्वानी, ऋषिकेश एम्स में जांच कराईं। डॉक्टरों ने नसें बंद होना बताकर ऑपरेशन करने की बात कही। गरीब पिता के पास रुपये खत्म हो चुके थे। कुछ दवाइयां लेकर वह घर आ गए।
वहीं इस बात का पता जब काॅलेज के एनसीसी प्रभारी राजीव कश्यप को चला तो उन्होंने प्रकाश को बांसबगड़ के आयुर्वेदिक चिकित्सक पुष्कर सिंह जंगपांगी को दिखाया। डॉ. जंगपांगी ने जांच कर इलाज शुरू किया। इसका असर यह हुआ कि एक माह के अंदर ही प्रकाश की दोनों गांठें खत्म हो गईं और वह स्वस्थ हो गया। डॉक्टर के इलाज से प्रकाश के घर में खुशी छा गई। एनसीसी प्रभारी राजीव कश्यप ने भी डॉक्टर जंगपांगी का आभार जताया।
आयुर्वेद पद्धति में रोगों का इलाज संभव है। मैंने बच्चे की एक सप्ताह तक गहन जांच के उपरांत वात रोग की औषधियों से इलाज शुरू किया। बच्चे को पथ्य, अपथ्य, आहार के साथ कुछ योगाभ्यास भी कराए। एक माह में प्रकाश पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया और उसने एनसीसी भी ज्वाइन कर ली। -डॉ. पुष्कर सिंह जंगपांगी, आयुर्वेदिक चिकित्सालय बांसबगड़।