लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड बाराकोट में डिग्री कॉलेज खोलने की ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग शासन-प्रशासन की उदासीनता के चलते ठंडे बस्ते में चली गई है। क्षेत्र में उच्च शिक्षा का कोई साधन न होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए लोहाघाट या पिथौरागढ़ का रुख करना पड़ रहा है, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर और दूर-दराज के क्षेत्रों के कई छात्र इंटरमीडिएट के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीण वर्ष 2005 से डिग्री कॉलेज की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने लगातार जन प्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाई है। करीब चार साल पहले शासन ने कॉलेज के लिए जमीन भी देखी थी हालांकि उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाराकोट विकास खंड में 48 ग्राम पंचायतें और 103 राजस्व गांव आते हैं। यहां 10 राजकीय इंटर कॉलेज भी हैं।
मुख्यमंत्री के आदर्श चंपावत जिले में केवल बाराकोट ब्लॉक में डिग्री कॉलेज न होना क्षेत्र के युवाओं की अनदेखी है। इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक पत्राचार भी किया है। प्रशासन ने जमीन भी तलाशी, सरकार को चाहिए कि अब वह इसका संज्ञान ले।
नंदा बल्लभ बगौली, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख
चार विकास खंडों वाले चंपावत जिले के तीन ब्लॉकों में सरकार ने सात डिग्री कॉलेज खोले हैं, अकेले बाराकोट ब्लॉक की उपेक्षा कर वहां डिग्री कॉलेज नहीं खोलकर क्षेत्र की जनता की अनदेखी की है।
मनोज जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य नदेड़ा
बाराकोट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का क्षेत्र है। सरकार को बाराकोट में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग को पूरा करना चाहिए। लोग लगातार सरकार से डिग्री कॉलेज की मांग उठा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।
ललित सिंह अधिकारी, पूर्व सैनिक सेना मेडल
विद्यार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए बाराकोट ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग विधानसभा में दो-तीन बार उठाई जा चुकी है लेकिन सरकार को गरीब ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की दिक्कतों से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार ब्लॉक में कॉलेज न खोलकर विद्यार्थियों और क्षेत्रीय लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। डिग्री कॉलेज खोलने की मांग के लिए फिर से आवाज उठाई जाएगी।
खुशाल सिंह अधिकारी, विधायक लोहाघाट