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आज से बंद हो जाएंगे बंगापानी और बरम के राहत शिविर

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बंगापानी तहसील के सेरा में रह रहे आपदा प्रभावित परिवार। - फोटो : PITHORAGARH
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बंगापानी(पिथौरागढ़)। बंगापानी और बरम के सरकारी भवनों में चल रहे राहत शिविर आज से बंद हो जाएंगे। इसके बाद शिविरों में रह रहे प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावितों को भोजन नहीं मिलेगा। बरम इंटर कालेज में रह रहे आपदा प्रभावित परिवारों को एक नवंबर तक कालेज भवन भी खाली करना होगा। सेरा के आपदा प्रभावितों ने विस्थापन और उचित मुआवजा नहीं मिलने पर शिविर में ही आंदोलन की चेतावनी दी है।
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इस साल बंगापानी, मुनस्यारी और धारचूला तहसीलों में भीषण आपदा आई थी। बंगापानी तहसील के टांगा गांव में सबसे अधिक जान माल की क्षति हुई थी। खतरे की जद में आए टांगा, सिरतोला सहित अन्य आपदा प्रभावित परिवारों को सेरा गांव में बनी मंडी भवन में रखा गया था, जबकि बरम क्षेत्र के आपदा प्रभावितों को राजकीय इंटर कालेज में रखा गया था।
मानसून समाप्त होने के बाद अधिकतर परिवार घरों को लौट गए थे, जबकि सेरा में अभी करीब 10 परिवार और राजकीय इंटर कालेज बरम में लगभग 30 परिवार रह रहे हैं। इन परिवारों के लिए अभी तक प्रशासन की ओर से भोजन की व्यवस्था की जा रही थी। यह व्यवस्था 31 अक्तूबर से बंद हो जाएगी। अब प्रशासन राहत शिविर में भोजन की व्यवस्था नहीं करेगा। इसके अलावा दो नवंबर से विद्यालय खुलने हैं। ऐसे में बरम के आपदा प्रभावित परिवारों को एक नवंबर से पहले इंटर कालेज खाली कराना होगा।
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हालांकि मंडी में रह रहे आपदा प्रभावित फिलहाल सरकारी भवन में रह सकेंगे लेकिन इन परिवारों को भोजन की व्यवस्था आज से स्वयं करनी होगी। प्रशासन की ओर से राहत शिविर बंद होने और शीतकाल शुरू होने के कारण इन आपदा पीड़ितों के सामने कठिन स्थिति खड़ी हो गई है। सेरा में रह रहे टांगा गांव के हरीश रावत, विक्रम रावत, सोनू रावत, डिगर सिंह धामी, मंगल सिंह धामी आदि ने बताया कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
आपदा से खतरे की आशंका को देखते हुए इन परिवारों को राहत शिविरों में रखा गया था। मानसून समाप्त होने के बाद अधिकांश परिवार पहले ही अपने-अपने घरों को लौट चुके हैं। राहत शिविरों का संचालन केवल 30 सितंबर तक ही होता है। प्रशासन की ओर से बरम और सेरा में राहत शिविर एक माह अतिरिक्त 30 अक्तूबर तक संचालित किए गए। 31 अक्तूबर से प्रशासन की ओर से राहत शिविरों का संचालन नहीं किया जाएगा। - अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला
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