दौलावलिया- रावलखेत सड़क में किया गया डामरीकरण।
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। पातालभुवनेश्वर से दौलावलिया- रावलखेत सड़क पर चल रहे द्वितीय चरण के कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया गुणवत्ता के कारण इस सड़क पर किया डामर उखड़ने लगा है। ग्रामीणों ने इस मामले में कार्रवाई न होने पर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने कहा है कि दौलावलिया से रावलखेत के लिए लगभग 8.57 करोड़ रुपये की लागत से काम हो रहा है। काम की घटिया गुणवत्ता के कारण डामर उखड़ने लगा है। निर्माण कार्य के दौरान विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं रहता है। अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी निर्माण कार्य का निरीक्षण नहीं किया गया है। डामरीकरण में मानकों के विपरीत स्थानीय सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताते हुए तत्काल काम रोकने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से सड़क पर काम हो रहा है उससे अधिक समय तक ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी रही और विभाग ने कार्रवाई नहीं की तो उन्हें उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने को मजबूर होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में ग्राम प्रधान रजनी देवी, रेखा देवी, लाल सिंह बिष्ट, दरबान सिंह, शंकर सिंह, भूपाल मानकूना, जशौद सिंह, देवेंद्र राम, दीपा देवी, विमला, चंपा खाती, हरीश सिंह, सुरेंद्र कुमार, रोशनी देवी, अनिल कुमार, मनोहर बिष्ट, पंकज बिष्ट आदि ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। इधर पीएमजीएसवाई के उप प्रबंधक अभिषेक यादव का कहना है कि सड़क पर गुणवत्तापूर्वक काम हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया है।