डीडीहाट (पिथौरागढ़)। एक ही गांव से जुड़ी सड़क में सात किमी में डामरीकरण का काम शुरू हो गया है लेकिन शुरुआती हिस्से की दो किमी सड़क में पैदल चलना भी दूभर हो रहा है।
डीडीहाट से पमस्यारी की ओर जाने वाली नौ किमी सड़क के शुरुआती हिस्से की दो किमी की स्वीकृति वर्ष 2008-2009 में हुई थी। इसमें लोनिवि ने डीडीहाट से पैराड तोक तक सड़क काट कर कुछ कलवर्ट भी बनाने का कार्य किया।
उसके बाद से लोनिवि को इस सड़क के लिए शासन स्तर से कोई राशि नहीं मिली। ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद पमस्यारी गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए 2017-18 में शेष बची सड़क बनाने का जिम्मा पीएमजीएसवाई खंड को दिया गया।
पीएमजीएसवाई ने दो सालों में इस सड़क को काट दिया। अब उसमें डामरीकरण किया जा रहा है लेकिन लोनिवि के अधीन डीडीहाट से पैराड़ तोक की सड़क को पीएमजीएसवाई ने नहीं लिया है।
इस कारण पमस्यारी को जाने वाली दो किमी सड़क अब पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई है। हल्की बारिश में ही यह सड़क महीनों तक बंद हो जाती है। गर्मी के मौसम में इस सड़क धूल से भरी रहती है। इस अव्यवस्था से ग्रामीणों में गुस्सा है।
डीडीहाट-पमस्यारी सड़क में सरकार के करोड़ों रुपये लगा दिए गए हैं लेकिन अभी भी पमस्यारी के लोगों को जान हथेली पर रखकर ही आवागमन करना पड़ रहा है।
- होशियार सिंह बोरा, पूर्व प्रधान पमस्यारी।
पमस्यारी सड़क का पहले दो किमी का हिस्सा लोनिवि के अधीन है, उसकी हालत बदतर हो गई है। एक बारिश में ही सड़क बंद हो जाती है। नगर से आने वाले अधिकतर नाले भी इसी सड़क पर बहते हैं।
- रवि बोरा ग्रामीण पमस्यारी।
शुरुआती दो किमी सड़क को पीएमजीएसवाई के अधीन करने के लिए संबधित अधिकारियों को शीघ्र पत्रावली तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य में अगर देरी की जाएगी तो संबधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- बिशन सिंह चुफाल, कैबिनेट मंत्री।