फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राधिकरण को गरीब जनता पर बोझ बताया

Thu, 14 Dec 2017 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में विकास प्राधिकरण के विरोध में धरना देते लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बना रही संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बृहस्पतिवार को नगर के गांधीचौक में सभा कर प्राधिकरण को गरीब जनता पर बोझ बताया। कहा कि विकास प्राधिकरण के जरिए आम जनता पर करों का बोझ डालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह फैसला वापस लेने की मांग की।
विज्ञापन


मोर्चा संयोजक एडवोकेट मोहन चंद्र भट्ट ने कहा कि वर्ष 1995 में भी नगर के आसपास के 22 गांवों को विहित प्राधिकारी के दायरे में लाने का क्षेत्र के लोगों ने विरोध किया था, जनता के विरोध के चलते यह लागू नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इस नगर में मास्टर प्लान तक तो बना नहीं है, तो फिर प्राधिकरण क्यों थोपा जा रहा है। कहा कि प्राधिकरण में मानचित्र शुल्क 100 रुपये से 10,000 रुपये तक है। सेस, अंबार शुल्क समेत कई टैक्स लोगों को देने होंगे। कहा कि सरकार जब तक विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला वापस नहीं लेती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मोर्चा सदस्य चंद्रशेखर कापड़ी ने कहा कि प्राधिकरण जनता के साथ अन्याय है, जनता को इसका विरोध करना चाहिए। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, उक्रांद जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा, सीमांत यूथ मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील खत्री, राकेश वर्मा, पिथौरागढ़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी, सभासद भुवन जोशी, चंद्रकला खन्ना, नवीन शर्मा आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें