जिले की 33 देसी और विदेशी मदिरा की दुकानों के लिए ऑनलाइन नीलामी संपन्न हो गई। जिले में स्थित 23 विदेशी शराब की दुकान के सापेक्ष 21 दुकानों की नीलामी हुई, जबकि दस देसी शराब की दुकान के सापेक्ष 7 दुकानों की नीलामी हुई। बची विदेशी शराब की दो और देसी की तीन दुकानों की नीलामी एक मई को होगी। 21 विदेशी शराब की दुकान की नीलामी से 44.37 करोड़ और देसी मदिरा की सात दुकानों से 8.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा एक बीयर शॉप की नीलामी भी हुई।
बृहस्पतिवार को डीएम सी रविशंकर की अध्यक्षता में शराब की दुकानों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया हुई। विदेशी मदिरा की 21 दुकानों की नीलामी हुई। पिथौरागढ़ और डीडीहाट की विदेशी शराब की दुकान के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया। देसी शराब की सात दुकानों की नीलामी प्रक्रिया हुई, लेकिन आवेदन न होने से वड्डा, मुवानी और कनालीछीना देसी शराब की दुकान की नीलामी नहीं हो सकी। डीएम ने बताया कि छूट गई दुकानों की नीलामी दूसरे चरण में एक मई को होगी।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विदेशी शराब की दुकान पिथौरागढ़ नंबर एक भुवन सिंह, बेड़ीनाग कुमुद कुमार पंत, धारचूला सुभाष सिंह, मुनस्यारी दयाकिशन भट्ट, थल महेंद्र सिंह, गंगोलीहाट राजेंद्र उपाध्याय, नाचनी लीला कुंवर, अस्कोट अजीत पाल सिंह, गणाई गंगोली किशोर उपाध्याय, कनालीछीना पूरन सिंह, चंडाक योगेश वर्मा, जौलजीबी सुरेश सिंह, वड्डा विक्रम सिंह, बूंगाछीना लीलावती सामंत, भवन खोला संजीव कुमार भट्ट, क्वीटी पूरन उपाध्याय, घाट हीरा सिंह, मुवानी आनंद बल्लभ, झूलाघाट किशन सिंह, कोटमन्या प्रकाश चंद्र और जौरासी की दुकान संजय मल के नाम छूटी।
उन्होंने बताया कि देसी शराब की दुकान गंगोलीहाट चंचल सिंह, बेड़ीनाग नंदन सिंह, पिथौरागढ़ हरीश जोशी, डीडीहाट आनंद जंग, थल शशि उप्रेती, गणाई गंगोली भूपेंद्र सिंह और जाजरदेवल की दुकान ललित सिंह के नाम खुली। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय की बीयर शॉप लक्ष्मण सिंह अन्ना के नाम रही। नीलामी के दौरान पुलिस अधीक्षक अजय जोशी, एसडीएम संतोष कुमार पांडेय मौजूद थे। नीलामी के दौरान सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त किया गया था।
तीन दुकान महिलाओं के नाम
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की 33 शराब की दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में महिलाओं ने भी हाथ आजमाएं। इसी के चलते विदेशी शराब की दो और देसी की एक दुकान कब्जाने में महिलाएं कामयाब रहीं। नाचनी विदेशी शराब की दुकान लीला कुंवर, बुंगाछीना की दुकान लीलावती सामंत और थल की देसी शराब की दुकान शशि उप्रेती के नाम निकली।