निकटवर्ती हाटथर्प गांव में आठूं पर्व के समापन पर कार्यक्रमों की धूम मची रही। महिलाओं ने समापन से पहले गौरा और महेश की प्रतिमाओं का पूजन किया। बाद में उनको हरूसैम मंदिर में विसर्जित किया गया। गांव में आठूं पर्व पूरे एक सप्ताह तक चलता है। इस अवधि में रोज शाम झोड़े और चांचरी के कार्यक्रम होते रहे। समापन के दिन लोग पूरी श्रद्धा के साथ गौरा, महेश की प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं और गांव में सुख, समृद्धि की कामना करते हैं। गौरा, महेश को अब एक वर्ष के लिए विदाई दी गई। आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी आठूं पर्व का समापन हो गया है। धौलेत गांव में भी विधि विधान के साथ गौरा, महेश की प्रतिमाएं विसर्जित कर दी गई। इन कार्यक्रमों में लोगों की व्यापक भागीदारी रहती है।