महाकाली और गोरी के संगम पर ऐतिहासिक जौलजीबी मेला 14 नवंबर से शुरू होगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत मेले के उद्घाटन के लिए जौलजीबी पहुंचेंगे। मेले में अस्थायी दुकानों का आवंटन हो गया है। कुल 600 अस्थायी दुकानें एसडीएम पारितोष वर्मा और तहसीलदार इंद्रबहादुर मल के नेतृत्व में गठित टीम ने आवंटित कर दिए हैं। जौलजीबी में मेला स्थल पर शुक्रवार को कई अस्थायी दुकानें सज गई हैं। मेले में स्थानीय उत्पादों के अलावा तिब्बती ऊन से बने सामान की बिक्री ठीक ठाक रहने की उम्मीद है।
मेलाधिकारी और उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और नेता उद्घाटन अवसर पर मौजूद रहेंगे। इस बार मेला स्थल पर स्थायी मंच बन चुका है। उसी में उद्घाटन का कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पहले दिन उद्घाटन के कार्यक्रम मुख्य रूप से होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यापारिक गतिविधियां 16 नवंबर से तेज होने की उम्मीद है। सरकारी तौर पर मेला 22 नवंबर तक चलेगा लेकिन व्यापारिक गतिविधियां पूरे नवंबर तक चलने की उम्मीद है। मेले में सरकारी विभागों के स्टाल लग गए हैं। लोगों ने दुकानों को सजा दिया है।
पक्का झूलापुल बनने से नेपाल के लोगों की संख्या बढ़ेगी
महाकाली में पक्का झूलापुल बनकर तैयार है और इससे लोगों की आवाजाही होने लगी है। 340 मीटर लंबे इस पुल के बन जाने से नेपाल के लोगों के जौलजीबी कस्बे में आने में आसानी होने लगी है। नेपाल सरकार ने 90 लाख रुपये खर्च कर झूलापुल का निर्माण किया है। 2013 की आपदा के समय जौलजीबी का झूलापुल बह गया था। इस कारण दो वर्षों तक मेले के दौरान अस्थायी पुल का निर्माण किया गया। झूलापुल में एसएसबी और पुलिस की ड्यूटी रहती है। इस बार जौलजीबी मेले में नेपाल के लोगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।