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Pithoragarh News: तब इन्हीं के पास रहता था चाबुक, यही लगाते थे मै

Sun, 05 Apr 2026 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। कांग्रेस का आपसी कलह अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के बयान के बाद फिलहाल यह मामला थमता नहीं दिख रहा। इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी हताशा दिखाई दे रही है।
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एक ओर भाजपा जहां आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक्शन मोड में आ चुकी है वहीं कांग्रेस के दिग्गज आपस में ही दो-दो हाथ करने के लिए उतावले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के बयान के बाद अब रावत गुट खुलकर सामने आ गया है।
धारचूला के विधायक हरीश धामी पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर सोशल मीडिया में कटाक्ष करते हुए कह रहे हैं भाजपा को जब ऐसे लोगों की जरूरत पड़ी चूसा, जब जरूरत नहीं हुई गुठली समझ कर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर यही कमियां हैं, ऐसे लोगों को कांग्रेस में कैंपेनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाकर बैठाया गया है।
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धामी ने कहा कि उन्होंने (हरक सिंह) वहां लूटा अब यहां मठाधीश बने बैठे हैं। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा है। इधर पूर्व मंत्री और राज्यसभा सांसद महेंद्र सिंह माहरा भी अब खुलकर हरीश रावत के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में मंत्री रहे और वर्तमान में भाजपा नेता दिनेश अग्रवाल के हरीश रावत को उजाड़ू बल्द कहने पर तीखा तंज कसा है।
माहरा का कहना है कि जब रावत मुख्यमंत्री थे तब यही लोग उनके अगल-बगल थे। बल्द (बैल) को जोतने का काम यही करते थे। चाबुक उन्हीं लोगों के हाथ में रहता था और यही लोग मै लगाते थे। उनका कहना है कि हरीश रावत कांग्रेस के मजबूत स्तंभ रहे हैं और रहेंगे।
माहरा ने कहा कि जिन लोगों को वह कांग्रेस में लाए आज वही लोग इशारे-इशारे में उन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका दो टूक कहना है कि ऐसे लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। उनकी बयानबाजी पर हाईकमान को अंकुश लगाना चाहिए। संवाद

यह तो दिग्गजों का मामला है
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से पार्टी के स्थानीय नेता भी हताश हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक नेता ने बताया कि यह तो दिग्गजों का मामला है हमारे बोलने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने दबी जुबान से स्वीकारा कि इसका नुकसान पार्टी को ही भुगतना होगा।
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