पिथौरागढ़। सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण धारचूला हाईवे पर गुणवत्ता में खामी मिलने पर डामरीकरण के काम पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। प्रारंभिक जांच में बीआरओ की कार्यशैली सवालों में है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि करोड़ों रुपये के डामरीकरण के नाम पर हाईवे को सिर्फ कोलतार डालकर काला कर दिया गया है। अब डीएम ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। एसडीएम डीडीहाट की अध्यक्षता में तकनीकी टीम हाईवे की जांच करेगी।
दरअसल, कैलाश मानसरोवर, आदि कैलाश के साथ ही चीन सीमा को जोड़ने वाले पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर बीआरओ ने करीब 25 दिन पूर्व पलेटा से आगे डामर शुरू किया था। हैरानी है कि करोड़ों रुपये से किया गया डामर कुछ दिन बाद ही उखड़ गया और हाईवे फिर से गड्ढों में तब्दील हो गया। बीआरओ की इस लापरवाही को संवाद न्यूज एजेंसी ने बीते 20 दिसंबर के अंक में सड़कों को काला करने का खेल, आगे डामर हो रहा पीछे से उखड़ रहा और बीते छह जनवरी के अंक में धारचूला हाईवे पर जांच, उखड़े डामर और गड्ढों ने दी अनियमितता की गवाही शीर्षक से प्रकाशित किया था।
दोनों खबरों को डीएम आशीष भटगांई ने गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार के नेतृत्व में गुडौली पहुंची टीम ने जांच की तो संवाद न्यूज एजेंसी का दावा सच साबित हुआ। डामरीकरण के नाम पर हुए इस घपले की जांच के लिए डीएम ने अब एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है।
कमेटी में डीडीहाट की एसडीएम खुशबू पांडे के साथ लोनिवि और ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई को शामिल किया गया है। अब तकनीकी टीम इस लापरवाही की जांच कर पूरे देश की सीमाओं तक सड़क निर्माण करने वाली जिम्मेदार संस्था बीआरओ कि कारनामे को उजागर करेगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर इसके जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी पत्राचार होगा।
काम रोका, बीआरओ के अधिकारियों की लगी क्लास
यह बड़ी लापरवाही सार्वजनिक होने पर डीएम ने फिलहाल जांच होने तक डामरीकरण का काम रोकने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं उन्होंने बृहस्पतिवार को बीआरओ के आला अधिकारियों को कलक्ट्रेट बुलाया और उनकी क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हाईवे पर घटिया डामर करना गंभीर है। यह सरकारी धन का भी दुरुपयोग है। यदि गुणवत्ता नहीं सुधरी तो कार्रवाई होगी।
हाथों से उखाड़ा डामर
तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जब कुछ दिन पूर्व किए गए डामर की गुणवत्ता जांची तो यह हाथों से उखड़ गया। डामर की परत एक झटके में हाईवे का साथ छोड़ गई। ऐसे में टीम ने बीआरओ से गुड़ौली के पास किया गया पूरा डामर उखड़वाया और इसे हाईवे से हटाया। अब जांच के बाद बीआरओ को हाईवे पर दोबारा डामर करना होगा। हैरानी की बात यह है कि पूर्व में डामर करने में लाखों रुपये खर्च हुए हैं इसका जिम्मेदार कौन है इसका जवाब देने से सभी बच रहे हैं।
कोट
धारचूला हाईवे पर डामरीकरण में बीआरओ की लापरवाही सामने आई है। काम रोककर इसकी जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आशीष भटगांई, डीएम, पिथौरागढ़
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हाईवे पर किए गए डामर की गुणवत्ता बेहद खराब है। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। तकनीकी टीम को भी कमेटी में शामिल किया गया है। गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। - खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट