सीमांत जिले में मौसम का उग्र रूप थमने का नाम नहीं ले रहा है। वन्य जीवों से बची फसल अब मौसम की मार की भेंट चढ़ रही है।
जिला मुख्यालय में रविवार को दिन में तेज बारिश हुई। बाजार में आए लोगों को बारिश से बचने के लिए दुकानों के किनारे आश्रय लेना पड़ा। मुख्यालय के आसपास कुमौड़, दौला, जाखनी, सेरा, खड़कोट, पुनेड़ी, जाख, जाखपुरान, विषाड़, जाजरदेवल, उर्ग, सातसिलिंग, आठगांव सिलिंग आदि जगहों पर गेहूं, मसूर, जई के साथ ही फलों और सब्जियों का काफी नुकसान हो रहा है। पुनेड़ी, मैला, छेड़ा, थरकोट, बालाकोट आदि जगहों पर किंसानों ने सब्जियां बोई है।
ओलों की चोट से सब्जियां बर्बाद हो गई हैं। उधर, अस्कोट क्षेत्र में दोपहर को आधा घंटे तक मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई। बारिश और ओलों से गर्खा, बगड़ीहाट, अस्कोट, नारायणनगर, मिर्थी, सिंगाली, ओगला आदि जगहों पर खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। घाटी वाले क्षेत्रों में अधिकांश जगहों पर किसानों ने फसल को काट लिया है। कई जगहों पर फसलों को सुखाने के लिए खेत और खलिहानों में रखा हुआ है। बारिश से गेहूं और मसूर बर्बाद हो रही है।
बेड़ीनाग क्षेत्र में हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसल, फल और सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। तहसील के डांगीगांव, पुरानाथल, माछीखेत, उपराड़ा, रुईनाथल, पीपलतड़ समेत कई गांवों में किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। डांगी गांव निवासी किसान मोहन सिंह ने बताया कि खेतों में पकी हुई फसल को ओलों ने बर्बाद कर दिया है। बताया कि गेहूं और सब्जियां बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने सरकार से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई है। उधर गंगोलीहाट में भी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है।