सात सूत्रीय मांगों को लेकर आशा वर्करों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। वहीं, आशा वर्करों ने गंगोलीहाट और मुनस्यारी में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
आशा वर्कर मंगलवार को जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंची और प्रदर्शन किया। कहा कि उनकी नियुक्ति एनआरएचएम के तहत मातृ-शिशु सुरक्षा के लिए की गई थी, जिसे अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर दिया गया है। उन्होंने न्यूनतम मासिक वेतन देने, उनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, राज्य सरकार द्वारा घोषित दो हजार रुपये मासिक मानदेय देने, उसका घोषणा की तिथि से अब तक एरियर का भुगतान करने, वार्षिक राज्य प्रोत्साहन राशि का बकाए का भुगतान कर उनके खाते में डालने, आशा कंडोम के वितरण पर प्रभाव से रोक लगाने की मांग उठाई। इस दौरान सीमा नगरकोटी, पिंकी कलौनी, उर्मिला सौन, दीपा मनौला, हेमलता सौन आदि मौजूद थीं।
गंगोलीहाट में आशा संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष उमा महरा के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन में दीपा देवी, मंजू सैलोनी, कमला देवी, मीना देवी, दीपा देवी, सीमा देवी, सुमन देवी आदि शामिल थीं। मुनस्यारी में आशा संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष शांति देवी के नेतृत्व में आशा वर्करों ने जुलूस निकाला। जुलूस में चांदनी मर्तोलिया, खिला पंचपाल, मंजू धामी, सीता बृजवाल, तुलसी कोरंगा, शांति बृजवाल, प्रेमा आर्या, प्रेमा कुंवर आदि शामिल थीं।