फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्कोट पीएचसी में आठ साल से डॉक्टर नहीं

Fri, 03 Mar 2017 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
विज्ञापन
अस्कोट में अस्पताल भवन की टूटी हुई छत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्कोट में 2009 से डॉक्टर का पद रिक्त है। नियमानुसार पीएचसी में कम से कम तीन डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन यहां पर एक भी एलोपैथिक डॉक्टर नियुक्त नहीं है। क्षेत्र के लोगों को छोटे-मोटे इलाज और दवाओं के लिए भी 25 किलोमीटर दूर डीडीहाट या फिर 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
विज्ञापन


अस्कोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तल्लाबगड़, कूटा, जमतड़ी, गर्जिया, हेलपिया, ओगला, सूनाकोट, डांगटी, बेड़ा, बगड़ीहाट, गर्खा समेत आसपास के गांवों की 60 हजार की आबादी इलाज के लिए आती है। इस अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती की मांग को लेकर विधायक विशन सिंह चुफाल ने धरना तक दिया था। करीब 60 हजार की आबादी की नब्ज टटोलने के लिए दो माह पूर्व सरकार ने एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की तैनाती तो की गई है। अस्पताल भवन की छत 22 मई 2016 को आए अंधड़ के समय टूट गई थी, इसकी अब तक मरम्मत नहीं की गई है। नतीजतन अस्पताल के जरूरी सामान को बरामदे में रखना पड़ता है।

अस्कोट अस्पताल में डॉक्टर का पद रिक्त है। क्षेत्र के लोग कई बार मांग उठा चुके हैं। अब जिले में नए डॉक्टरों की तैनाती होने पर सबसे पहले अस्कोट में तैनाती दी जाएगी। टूटे भवन की मरम्मत का प्रस्ताव बनाया गया है। धन मिलते ही मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा। -डा. यूएस अधिकारी, सीएमओ, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें