पिथौरागढ़। जमीन की नमी समाप्त होने, लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिले के अधिकांश जंगल आग की चपेट में हैं। जिन इलाकों में जंगलों की आग का असर नहीं है वहां पर धुंध से लोग परेशान हैं। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सभी 55 क्रू स्टेशनों में तैनात 275 कर्मचारी लगातार आग पर नियंत्रण का प्रयास कर रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि कई जंगलों में दो या तीन बार आग लग चुकी है। कुछ स्थानों पर इरादतन आग लगाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। यह बात अलग है कि वन विभाग अब तक किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं पकड़ पाया है।
अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट में धौलकोट का जंगल रविवार की पूरी रात धधकता रहा। रात हो जाने के कारण वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई। आग आबादी से काफी दूरी पर होने के कारण गांव के लोग भी बुझाने के लिए नहीं जा पाए। वन रेंजर केआर टम्टा ने बताया कि क्षेत्र के कई जंगलों में आग लगी है। बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है। वन विभाग की टीम अपने स्तर से जुटी हुई है।
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। इस तहसील के अधिकांश जंगल आग की चपेट में हैं। हजेती, जयनगर, कालीनाग के जंगलों में दो दो बार आग लग चुकी है। वन विभाग ने आग पर नियंत्रण के लिए पहले फायर लाइन भी तैयार की और सड़क के किनारे जमा पिरूल को हटाया था लेकिन पिरूल दूसरे दिन ही गिर रहे हैं। इस कारण आग का खतरा बढ़ रहा है। वन विभाग के पास साधनों की भारी कमी है।
नाचनी (पिथौरागढ़)। नाचनी के निकट भटीगांव हाईस्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को अब सुबह के समय प्रार्थना करने में जंगलों में लगी आग के कारण दिक्कत होने लगी है। विद्यालय के शिक्षक जगदीश चंद्र पाठक ने बताया कि धुंए से बच्चों की आंखों से आंसू आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में कुछ दिनों में खुले में प्रार्थना कराने का फैसला टालना पड़ेगा। फोटो 25 पीटीएच 11 पी
थल (पिथौरागढ़)। आसपास के जंगलों में आग लगने से थल घाटी में धुंए का व्यापक असर हो गया है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि पहली बार इस तरह की विचित्र स्थिति देखने को मिल रही है। धुंध का असर इतना अधिक है कि विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। श्वांस, दमा के रोगियों को इससे परेशानी होने लगी है। फोटो 25 पीटीएच 10 पी
इन जंगलों में लगी है आग - आग से आरक्षित वन, पंचायती वन और सिविल वन सभी को नुकसान पहुंचा है। नाचनी क्षेत्र में राया, बजेता, समकोट, भैंसकोट, बिर्थी, बला, गिरगांव, धामी फल्यांटी, रसियाबगड़, क्वीटी, देकुना, बेड़ीनाग रेंज में बल्याऊ, सेला, कालीनागर, ओड़ीसिरतोली, भटीगांव, हजेती, धरमघर रेंज में महरगाड़ी, बनोली, धन्याड़, मुनधुरा, लाती, रमाड़ी, कालापैर, काभड़ी, भकौन, खेती, भल्यूनी, डीडीहाट के घनधूरा, अस्कोट के धौलकोट के जंगल में आग लगी है।