सशस्त्र झंडा दिवस पर इस बार जिले से आठ लाख रुपये की राशि एकत्र होगी। 2014 में 6.5 लाख रुपये एकत्र किए गए थे। केंद्रीय सैनिक बोर्ड हर साल झंडा दिवस से पहले हर जिले के सैनिक कल्याण बोर्ड को झंडे भेज देता है। यह झंडे शिक्षण संस्थानों, निकायों, जिला प्रशासन के कार्यालयों, तहसील कार्यालयों में भेजे जाते हैं। हर व्यक्ति को एक झंडा दिया जाता है और उससे झंडे की कीमत ली जाती है। सशस्त्र झंडा दिवस पर एकत्रित धनराशि का उपयोग केंद्रीय सैनिक बोर्ड अपने स्तर से करता है। इस राशि का वितरण पूरे देश में जरूरतमंद पूर्व सैनिकों, विकलांग पूर्व सैनिकों, पूर्व सैनिकों की बेटी के विवाह, युद्ध शहीदों के परिवारों की मदद में किया जाता है। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड धनराशि तो एकत्र कर लेता है लेकिन धन को वितरित करने का अधिकार उसके पास नहीं है।
सशस्त्र झंडा दिवस पर जमा होने वाली धनराशि जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड को भेजी जाती है। राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड इस राशि का 13 प्रतिशत अपने पास रखता है और शेष 87 प्रतिशत राशि केंद्रीय सैनिक बोर्ड को भेज देता है। केंद्रीय सैनिक बोर्ड ही इस धनराशि को खर्च करने की नीति बनाता है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भरत प्रकाश के अनुसार इस बार जिले से आठ लाख रुपये एकत्र होंगे।