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व्यास घाटी में बढ़ेगा सेब का उत्पादन, 18 हेक्टेयर जमीन पर लगाए 4450 पौधे

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संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। उद्यान विभाग की कवायद यदि सफल रही तो तीन साल बाद चूला ब्लॉक की व्यास घाटी सेब के फलों से लहलहाएगी। बीएडीपी के अंतर्गत घाटी की 18 हेक्टेयर भूमि में सेब के 4450 पौधों का रोपण किया गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में स्थित व्यास घाटी अब सड़क से जुड़ गई है। इसके साथ ही घाटी के गांवों में लोगों को रोजगार मुहैया कराने की कवायद भी शुरू हो गई हैं। ठंडी जगह होने से घाटी के कुछ गांवों में लोग पहले से ही सेब उत्पादन कर रहे हैं। इस बार उद्यान विभाग ने गुंजी, नाभी और बुंगबुंग में 18 हेक्टेयर भूमि में पौध लगाने का लक्ष्य रखा है। मुख्य उद्यान अधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि गुंजी में 500, नाभी में 3000 और बुंगबुंग में 950 स्पर प्रजाति के पौधे 40 काश्तकारों को उपलब्ध कराए गए हैं। अगले तीन साल में यह पौधे फल देने लगेंगे। उन्होंने बताया कि अब घाटी के सड़क से जुड़ने से काश्तकार मेहनत कर सेब का अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। काश्तकारों को पुराने के साथ ही नए पौधों की अच्छी तरह देखभाल करनी होगी। काश्तकारों को विभाग की ओर से प्रशिक्षण और तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा। नाभी की प्रधान सनम नबियाल और रोंगकोंग के सेब उत्पादक दीपू रोंकली का कहना है कि सेब उत्पादन से जुड़ने वाले काश्तकारों की हरसंभव सहायता की जाएगी।
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