संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। आठ मई को जलतूड़ी निवासी कल्पना देवी की डिलीवरी के दौरान मृत बच्ची को जन्म देने के बाद हायर सेंटर हल्द्वानी पहुंचते ही मौत हो गई। बहू और मासूम पोती की मौत के बाद से ही बदहवास पड़ी सास बिशना देवी ने कल्पना देवी के वियोग में दम तोड़ दिया है। इस घटना के बाद जलतूड़ी गांव के ग्रामीणों मैं राम और गुस्सा है।
सात मई को जलतूड़ी गांव निवासी लक्ष्मण चंद अपनी पत्नी कल्पना चंद को प्रसव पीड़ा उठने के बाद जिला महिला अस्पताल लेकर आए थे। लक्ष्मण चंद का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पहले सामान्य डिलीवरी और बाद में आपरेशन कराने की बात कही थी। महिला के पति का कहना था आपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के कारण उनकी नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। इसके बाद पत्नी की तबियत भी बिगड़ने लगी थी। जिसके बाद पत्नी को हायर सेंटर रेफर कर दिया था। लेकिन प्रसूता के हायर सेंटर पहुंचते ही मौत हो गई थी। परिवार किसी तरह इस गम को भुलाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन बहू और नवजात की मौत के बाद से बदहवास हुई बिशना देवी ने बहू की मौत पर विलाप करते-करते बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। प्रसूता के पति का कहना है कि यह सब अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुआ है। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत का कहना है कि प्रसूता और नवजात की मौत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच करने को डीएम को पत्र दिया था, लेकिन इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने शीघ्र इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। जलतूड़ी के ग्रामीणों का कहना है कि वो भी इस मामले शीघ्र अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ डीएम कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे।