पिथौरागढ़ शिशु मंदिर में पुरातन छात्र सम्मेलन में मौजूद लोग।
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सरस्वती शिशु मंदिर नया बाजार में सोमवार को आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में इस विद्यालय में अध्ययन कर चुके लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। इस विद्यालय में पढ़े कई लोग आज उच्च प्रशासनिक पदों पर, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और कुशल व्यापारी के तौर पर काम कर रहे हैं।
सम्मेलन में इस विद्यालय की पुरातन छात्रा रही और वर्तमान में जिला उद्यान अधिकारी पद पर तैनात डा. मीनाक्षी जोशी मुख्य अतिथि थी। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य तय करने में शिक्षण संस्था का योगदान बहुत अधिक होता है। उन्होंने इस विद्यालय में बिताए दिनों को याद किया।अध्यक्षता विद्यालय के पुरातन छात्र धीरज पाटनी ने की। मुख्य वक्ता भारतीय शिक्षा
समिति के संभाग निरीक्षक जगदीश पांडे ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों और विद्या मंदिरों में पुरातन छात्र सम्मेलन की परंपरा रही है। इससे वर्तमान में पढ़ रहे विद्यार्थियों को नई दिशा मिलती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गगन सिंह बोहरा ने बताया कि इस सम्मेलन में मुनस्यारी, धारचूला, गंगोलीहाट में कार्यरत कई पुरातन छात्र पहुंचे। उन्होंने आयोजन में भागीदारी के लिए पुरातन छात्रों का आभार जताते हुए कहा कि यह गरिमा प्रदान करने वाला क्षण है। इस बहाने कई पुराने छात्रों को एक दूसरे से मिलने का मौका मिल जाता है। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश निरीक्षक पूरन चंद्र जोशी, शिशु मंदिर केशवपुरम के प्रधानाचार्य राजेंद्र चंद, विवेकानंद विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य डा. चंदन तड़ागी आदि उपस्थित थे।