चंपावत। विश्व रेबीज दिवस पर सोमवार को पशुपालन विभाग ने जिले के बरदाखान, बनबसा, चंपावत, चल्थी, इजड़ा और धौन में जागरूकता व एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर लगाए। इन शिविरों में पशुपालकों को रेबीज से बचाव की जानकारी दी गई।
विभाग ने पालतू कुत्तों के नियमित टीकाकरण की अपील की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल के निर्देशन में ये शिविर आयोजित हुए। विभागीय टीमों ने रेबीज के लक्षण, बचाव और कुत्ते के काटने के बाद की सावधानियों पर जानकारी दी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीति बिष्ट ने रेबीज को गंभीर और जानलेवा बीमारी बताया। उन्होंने सलाह दी कि संक्रमित पशु के काटने या खरोंच लगने पर लापरवाही न बरतें। घाव को तत्काल साबुन और बहते पानी से धोकर चिकित्सकीय सलाह पर एंटी-रेबीज उपचार कराएं। शिविरों में पहुंचे कुत्तों का निशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया।