सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूरों ने हिमाचल और जम्मू कश्मीर की तरह मजदूरी का भुगतान करने की मांग को लेकर लंबी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। रविवार को ऐलागाड़ में हुए मजदूरों के सम्मेलन में कहा गया कि यह मुद्दा रक्षा मंत्री और केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
सम्मेलन में कहा गया कि हिमाचल में मजदूरों को 8100 रुपए और जम्मू कश्मीर में 10500 रुपए मजदूरी दी जाती है, लेकिन उत्तराखंड में मजदूरों को मात्र छह हजार रुपए मिल रहे हैं। सम्मेलन में हर माह की पांच तारीख तक मानदेय का भुगतान करने, रुके हुए बोनस का भुगतान करने, अपंग हो चुके मजदूरों को पेंशन की सुविधा देने, लंबी सेवा के बाद नियमित करने, हर मजदूर को कैंटीन की सुविधा देने जैसी मांग उठाई गई।
संगठन के संरक्षक जगत मर्तोलिया ने कहा कि इन मांगों को अगले महीने दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों के सामने रखा जाएगा। इस मौके पर संगठन की ऐलागाड़ इकाई का गठन किया गया। इसके लिए राजेंद्र धामी अध्यक्ष, लक्ष्मण धामी उपाध्यक्ष, मोहन सिंह सचिव, लाल सिंह उपसचिव, जगत सिंह धामी कोषाध्यक्ष चुने गए। सम्मेलन में भीम सिंह रावत, देवी दत्त उपाध्याय, नारायण सिंह धामी, विशन धामी, नंदन धामी ने विचार रखे।