पिथौरागढ़। लावारिस पशुओं की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई टैग लगाने की मुहिम भी काम नहीं आ रही है। पालतू मवेशियों के कानों में टैग लगाने के बाद भी कुछ पशुपालक मवेशियों को सड़कों पर लावारिस छोड़ दे रहे हैं। इसके चलते जहां एक ओर नगर की सड़कों में यातायात बाधित हो रहा है वहीं दूसरी ओर राहगीरों के लिए भी यह पशु खतरा बने हुए हैं।
सड़कों में घूमते लावारिस पशु लोगों के लिए गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। पहले पशुपालक बूढ़ी हो चुकी या दूध न देने वाली गायों के साथ ही बछड़ों को सड़कों पर लावारिस छोड़ देते थे। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने टैगिंग की व्यवस्था शुरू की थी।
इसके तहत पशुपालन विभाग की ओर से सभी पशुपालकों के मवेशियों का पंजीकरण करने के बाद पशुओं के कानों में एक विशेष नंबर का टैग लगाया गया। यदि पशुपालक पशु को छोड़ता है तो कान पर लगे टैग के आधार पर पशुपालक का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
टैग लगाने के बाद भी सड़कों में घूमने वाले लावारिस पशुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। पिथौरागढ़ शहर में घूमते लावारिस पशु बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। नगर क्षेत्र में दर्जनों की संख्या में मवेशी घूम रहे हैं। इनके चलते अक्सर यातायात प्रभावित हो रहा है। कई बार राहगीरों पर भी हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। लावारिस पशु सब्जी की दुकानों या अन्य व्यापारियों के सामान को भी नष्ट कर देते हैं।
सभी पालतू पशुओं का पंजीकरण कर टैग लगाए गए हैं। पशुपालकों को पशुओं को न छोड़ने के लिए कहा गया है। पशुओं पर लगे टैग नंबर के आधार पर मिलान किया जाएगा। यदि कोई पशु पालतू मिला तो संबंधित पशुपालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहले से सड़कों पर घूमने वाले पशुओं का पंजीकरण घुमंतू मवेशियों में किया गया है। नगर में घूमने वाले पशुओं को गो सदन भेजा जाता है। नगरपालिका से वार्ता हुई है। शीघ्र ही सभी पशुओं को गो सदन भेज दिया जाएगा।
- विद्यासागर कापड़ी, सीवीओ पिथौरागढ़।