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Pithoragarh News: बिण के ठुलीगाड़ में तीन तेंदुए दिखाई देने से दहशत

Sun, 03 Sep 2023 08:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ के दौला गांव में ग्रामीणों को जागरूक करती वन विभाग की टीम। स्रोत: ग्रामीण
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से लगे गांवों में तेंदुओं की धमक से ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग की टीम गांवों में घूम-घूमकर लोगों को सचेत कर रही है। रविवार सुबह सैर के लिए निकले लोगों को विण स्थित ठुलीगाड़ पेयजल पंप के पास तीन तेंदुए दिखाई दिए।
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क्षेत्र के मनोज कसनियाल ने बताया कि लगातार तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। इससे पूर्व इसी क्षेत्र में कुसौली गांव के खेतों में तेंदुए दिखाई दिए थे। इसके चलते महिलाओं ने खेतों में जाना छोड़ दिया था। नगर से लगे दौला क्षेत्र में भी तेंदुआ दिखाई दिया। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव में पहुंची और लोगों को सचेत किया। पौण, पपदेव, चंडाक से गुलदार की धमक के बाद प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम गांवों में गश्त कर रही है। रेंजर पीएस देउपा ने ग्रामीणों से रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और समूह में खेतों में जाने की अपील की है।

पकड़ में नहीं आ रहा हमलावर तेंदुआ, पिंजरे और कैमरे खाली

टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर आठवें मिल क्षेत्र में हमलावर तेंदुए का खौफ बरकरार है। वन विभाग की कोशिश के बाद भी तेंदुआ पकड़ में नही आ पाया है। निगरानी के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरे में भी तेंदुआ कैद नहीं हो पाया है।
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बस्तिया से लेकर सूखीढांग के बीच दोपहिया वाहन सवारों पर लगातार हुए हमले के बाद से दहशत बनी हुई है। चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज की टीम तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटी है। रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि तेंदुए को कैद करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर तीन पिंजरे लगाए गए हैं।
इसके अलावा कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं लेकिन तीन दिनों में तेंदुआ न तो पिंजरे में कैद हो पाया है और न ही कैमरों में। वन विभाग की टीम दोपहिया वाहनों से आवाजाही कर रहे लोगों को तेंदुए के खतरे से आगाह करने के साथ ही उन्हें समूह में भेज रही है। बता दें कि पिछले दिनों तेंदुआ दो महिलाओं समेत पांच लोगों को हमला कर घायल कर चुका है जिसके बाद से बस्तिया और सूखीढांग क्षेत्र में दहशत है।

गढ़ीगोठ में शारदा नहर में दिखार्द दे रहा मगरमच्छ

बनबसा (चंपावत)। इन दिनों गढ़ीगोठ क्षेत्र में शारदा नहर में एक मगरमच्छ दिखाई दे रहा है। कई बार मगरमच्छ नहर से निकल बाहर आ रहा है जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मगरमच्छ को पकड़कर अन्यत्र पहुंचाने की मांग की है। कुछ दिन पूर्व नहर किनारे कुछ समय के लिए सुस्ताने को खड़े एक ग्रामीण पर मगरमच्छ ने हमला बोल दिया था जिससे उनका एक हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने वन विभाग को सूचित कर मगरमच्छ को अन्यत्र पहुंचाने की मांग की है।

दुकान में आठ फीट लंबा सांप घुसने से हड़कंप
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम में भैरव मंदिर की एक दुकान के भीतर सांप के घुसने से हड़कंप मच गया। बाद में वन विभाग की टीम ने सांप को पकड़ कर जंगल में छोड़ा। भैरव मंदिर की एक दुकान में रविवार को करीब आठ फीट लंबा सांप घुस गया। इससे घबराए दुकानदार राजू तिवारी और अन्य लोग आननफानन बाहर भाग आए। जानकारी मिलने पर वन बीट अधिकारी राकेश गिरि और भरत सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम दुकान पर पहुंची और उपकरण के जरिए सांप को पकड़कर जंगल पर छोड़ दिया।
नाचनी और तेजम से 125 बंदर पिंजरे में कैद
नाचनी (पिथौरागढ़)। वन विभाग की ओर से बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया गया है। एक सप्ताह के अंतराल में नाचनी से 70 और तेजम बाजार से 55 बंदर पकड़े गए हैं। बंदरों के पकड़े जाने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
तल्ला जोहार क्षेत्र फल पट्टी के रूप में विकसित है। क्षेत्र के 30 गांवों में बंदरों के उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं। बंदर आम, अमरूद, लीची, पपीता, केला, संतरा आदि फलों को खाने के साथ ही बर्बाद भी कर रहे हैं। 20 वर्षों से वन्यजीवों के फसल और फलों को नुकसान पहुंचाने से काश्तकार परेशान हैं। वन्यजीवों की धमक से किसानों ने कई फसलों को बोना ही छोड़ दिया है। इससे पलायन भी बढ़ा है। हूपुलि, भैंसकोट, बांसबगड़, भैंसखाल, बोरागांव, रिगुनिया, नापड़, खतेड़ा, देकुना, होकरा आदि गांव के काश्तकारों ने भी वन विभाग से बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
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