प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्कोट में डाक्टर न होने से गुस्साए अस्कोट के लोगों ने प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक विशन सिंह चुफाल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश सरकार और विधायक चुफाल का पुतला फूंका।
उप प्रधान कैलाश पाल के नेतृत्व में सड़क में सड़क में उतरे लोगों ने अस्पताल में चार साल से डाक्टर न होने के लिए प्रदेश सरकार के साथ ही स्थानीय विधायक विशन सिंह चुफाल को जिम्मेदार ठहराया। राज्य आंदोलनकारी वीरजंग पाल ने कहा कि अस्पताल की अव्यवस्था के लिए भाजपा, कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं। अस्पताल में तीन डाक्टर होने चाहिए लेकिन एक भी नहीं है। अस्पताल चार साल से फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा है। कहा कि न तो प्रदेश सरकार डाक्टर दे रही है, न स्थानीय विधायक इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
इन लोगों ने कहा कि 10 दिन के भीतर अस्पताल में डाक्टर की नियुक्ति नहीं होती है तो जनाक्रोश रैली निकालकर सरकार और विधायक का पुतला फूंका जाएगा। पुतला दहन में महेंद्र जेठी, रवींद्र धामी, राजेश चंद, खड़क सिंह भंडारी, महेश जोशी, जीत सिंह रावत, गोविंद सिंह रावत, दीपक धामी, महेंद्र खत्री, हेमराज पाल, गणेश कुंवर शामिल थे। उधर, विधायक चुफाल का कहना है कि डाक्टरों की नियुक्ति का मामला प्रदेश सरकार के सामने उठाएंगे।