लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड लोहाघाट के नगर से लगे बनीगांव के जंगल में अराजक तत्वों ने आग लगा दी। भीषण आग से वन संपदा जलकर नष्ट हो गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल और वन कर्मी जुटे हुए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह अराजक तत्वों ने बनीगांव के जंगल में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे जंगल को अपनी चपेट में ले लिया। जंगल में आग लगने से क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। कई घंटों तक जंगल धू-धूकर जलते रहे। जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में दमकल कर्मी भैरव सिंह, पारस वर्मा, उमेश कुमार, नारायण बोरा मौके पर पहुंचे गए।
जंगल में आग लगने से बांज, बुरांश, फल्यांठ, उतीश और चीड़ के छोटे-बड़े पेड़-पौध जलकर नष्ट हो गए। रेंजर दीप जोशी ने बताया कि वन विभाग वाॅचर और दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हैं, जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से जंगलों में आग लगाने वालों की सूचना वन विभाग को देने की अपील की है। संवाद
पाटी में जौलामेल के जंगल में लगी आग
चंपावत। पाटी विकासखंड के जौलामेल क्षेत्र के जंगल में लगी आग के कारण हजारों रुपये मूल्य की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। बुधवार की रात से ही जौलामेल के जंगल में आग लगी हुई है। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम को आग पर काबू पाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। वनाग्नि के कारण वातावरण में चारों और धुआं और धुंध छाई हुई है जिससे बुजुर्गों और बीमार लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
पुजारी सहित ग्रामीणों ने जंगलों में आग न लगाने की ली शपथ
फटकशिला मंदिर में चलाया गया वनाग्नि जन जागरूकता अभियान
चंपावत। वन विभाग की ओर से धुनाघाट क्षेत्र के आस्था का केंद्र फटकशिला मंदिर में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रेंजर कैलाश गुणवंत के नेतृत्व में धूनाघाट क्षेत्र के फटकशिला मंदिर प्रांगण में अग्नि सुरक्षा के तहत ग्रामीणों और पुजारी की ओर से फायर सीजन में वनों में आग न लगाने की अपील की गई। इस दौरान मंदिर के पुजारी हरिश्चंद्र गहतोड़ी ने सभी लोगों को आग न लगाने की शपथ दिलाई। रेंजर ने वन विभाग की ओर से अब तक 36 से अधिक लोगों के खिलाफ वनों में आग लगाने पर कार्रवाई भी की गई है। एसडीओ नेहा चौधरी ने कहा कि सभी को जंगलों को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। वहां विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र के लोग और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद