शनिवार को अपराह्न दो बजे से लगातार एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से
जनजीवन पर असर पड़ा। इस दौरान हल्की ओलावृष्टि भी हुई। शनिवार सुबह मौसम
सामान्य था लेकिन दोपहर बाद अचानक गरज के साथ बारिश होने लगी। ओलों की मार
से फलों, सब्जियों और फूलों को खासा नुकसान पहुंचा है।
जिला मुख्यालय
में बारिश से सड़कों पर लबालब पानी भर गया। आसपास के नदी नाले उफान पर आ
गए। एक घंटे के भीतर सात मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। चंडाक, मोस्टामानू,
सिलपाटा, धनौड़ा गांवों में बारिश से आड़ू, खुबानी के फलों को नुकसान
पहुंचा। इस समय रोपे गए कद्दू, लौकी, बैंगन, मिर्च के पौधों पर भी ओलों की
मार पड़ी है। लगातार मौसम खराब होने से अब लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। जब
तक प्रशासन एक बार की क्षति का आकलन पूरा कर रहा है तब तक दूसरी बार ओलों
से नुकसान हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी पश्चिमी विक्षोभ का असर बना
हुआ है। जहां पर नमी मिलेगी वहां पर बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम
विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा ने कहा कि अभी मौसम की स्थिति को सामान्य
नहीं कहा जा सकता। पर्वतीय इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना बनी
रहेगी।