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Pithoragarh News: क्लस्टर योजना के लिए हुई एक करोड़ की राशि अवमुक्त

Tue, 05 Nov 2024 12:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रेशम उत्पादन किसानों के स्वरोजगार का बेहतर जरिया बना है। रेशम विभाग जिले के मुवानी में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर योजना संचालित कर रहा है। रेशम उत्पादन से वर्तमान में 100 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। क्लस्टर योजना के लिए विभाग को एक करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई है। हर किसान रेशम उत्पादन से सालाना 30 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रहा है।
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विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग स्वरोजगार शुरू करने के लिए किसानों को रेशम कीट उपलब्ध करा रहा है। रेशम कीट के पालन के लिए एक किसान को 300 पौधे दिए जा रहे हैं।
किसानों को पौध रोपण और खाद्य के लिए 27-28 हजार रुपये और चॉपिंग बोर्ड, नाइफ, कीट पालन ट्रे, स्टेंड, ट्री माउंटेज उपकरण के साथ ही कीट पालन के लिए कक्ष भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अच्छे उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश और बेंगलुरु में किसान ले रहे हैं प्रशिक्षण

पिथौरागढ़। रेशम के उत्तम उत्पादन के लिए कृषि विभाग की ओर से आत्मा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 20 किसानों को हिमाचल प्रदेश और बेंगलुरु में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि किसान स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें। संवाद


देहरादून, बेंगलुरु से उपलब्ध कराए जा रहे हैं रेशम किट
पिथौरागढ़। विभाग के मुताबिक किसानों को देहरादून और बेंगलुरु से रेशम कीट मंगाकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग रेशम कीट के सीड को दस दिन पालन कर किसानों को रेशम कीट उपलब्ध करा रहा है, ताकि किसानों को कीट पालन कर रेशम उत्पादन करने में दिक्कत ना हो। संवाद


कोट-
रेशम के उत्पादन के लिए जिले की जलवायु अनुकूल है। जिले में मुवानी में रेशम कीट का उत्पादन कर 100 किसानों ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। किसानों के आत्मनिर्भर बनने से पलायन में भी कमी आ सकेगी। - अशोक आर्या, प्रदर्शक, रेशम विभाग, पिथौरागढ़।
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