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रसोई गैस का संकट: होटल कारोबारियों ने मेन्यू में की कटौती, 50 फीसदी तक कारोबार में गिरावट दर्ज की

Mon, 06 Apr 2026 05:10 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और चौकोड़ी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में गैस संकट गहराने से होटल व्यवसाय प्रभावित हुई है। व्यावसायिक सिलिंडर की कमी के चलते होटल स्वामियों को अपने मेन्यू में भारी कटौती करनी पड़ी है।
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व्यावसायिक गैस सिलिंडर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पिथौरागढ़ में गहराए रसोई गैस संकट से पर्यटन उद्योग काफी प्रभावित हो गया है। मुनस्यारी और चौकोड़ी जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर व्यावसायिक सिलिंडरों की किल्लत के चलते होटल स्वामियों को अपने मेन्यू में भारी कटौती करनी पड़ी है। हालात यह हैं कि मनपसंद व्यंजन न मिलने के कारण पर्यटकों ने होटलों से दूरी बना ली है जिससे कारोबार में 50 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।

इन दिनों नगर के साथ ही चौकोड़ी, मुनस्यारी सहित अन्य पर्यटक स्थलों में सैलानियों की संख्या बढ़ी है। पर्यटक तो आ रहे हैं लेकिन होटल और रेस्तरां में उनके पसंदीदा व्यंजन गायब हो गए हैं। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से होटल कारोबारियों ने कई व्यंजन बनाने बंद कर दिए हैं।

कई होटलों में चाइनीज़ डिश, चिकन और पनीर गायब हो गया है। मुनस्यारी के होटल कारोबारियों ने बताया कि यहां पहुंचे पर्यटक बंगाली और साउथ इंडियन व्यंजनों के साथ ही पहाड़ी भोजन अधिक पसंद करते हैं। रसोई गैस न मिलने से कई व्यंजन मेन्यू से हटाने पड़े हैं और पर्यटकों को सीमित व्यंजन परोसना ही मजबूरी बन गया है।

कमाई में भारी गिरावट

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मुनस्यारी के होटल कारोबारियों के अनुसार जहां पहले एक रेस्टोरेंट में प्रतिदिन 10,000 रुपये से 15,000 रुपये का भोजन परोसा जाता था। वह अब घटकर मात्र 5,000 रुपये से 7,000 रुपये रह गया है। इस मंदी के कारण होटल संचालकों के लिए कर्मचारियों का वेतन और बिजली-पानी का खर्च निकालना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

पर्यटकों की पहली पसंद गायब
मुनस्यारी पहुंचने वाले पर्यटक विशेषकर बंगाली, साउथ इंडियन और स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों की मांग करते हैं। इन व्यंजनों को तैयार करने के लिए पर्याप्त गैस की आवश्यकता होती है, जिसकी आपूर्ति न होने से कारोबारी बेबस हैं।

गैस संकट के कारण होटल व्यवसायी मजबूरन सीमित व्यंजन ही परोस पा रहे हैं। यदि जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो इस सीजन में कारोबारियों को अपूरणीय क्षति होगी। - राजेंद्र भट्ट, जिलाध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, पिथौरागढ़

पर्यटक आ तो रहे हैं, लेकिन भोजन की वैरायटी न होने से वे निराश लौट रहे हैं। इसका सीधा असर हमारी साख और कमाई दोनों पर पड़ रहा है। - पूरन पांडे, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, मुनस्यारी

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