पिथौरागढ़ के गांधी चौक में होली गायन करते होल्यार।
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रविवार को आंमलकी (रंगभरणी) एकादशी से सीमांत जिले में खड़ी होली की धूम मच गई है। जिला मुख्यालय के साथ ही गंगोलीहाट के गांव-गांव में होली गायन का सिलसिला शुरू हो गया है।
जिला मुख्यालय के गांधी चौक में काली कुमाऊं के होल्यारों ने खड़ी होली का आयोजन किया। ‘अंबा के द्वार ध्वजा बिराजे, फर-फर फर-फर होय, अंबा धन तेरो’ ‘सब के पिया होरी खेलें मन लागो छ, उत मेरो पिया परदेश कब आवेगो’ ‘सुमिरो सीता राम भया कोई हीरा जनम नहीं पाओगे’ और ‘घड़ा उठाई दे सिर पर रख दे डगर बताई दे पनघट को’ विभिन्न होली गीतों के साथ लोग घंटों झूमे। काली कुमाऊं के लोग लंबे समय से जिला मुख्यालय में होली का आयोजन करते हैं। रामलीला मैदान सदर में रामलीला प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र माहरा के नेतृत्व में ऑमलकी पूजन किया गया। सोमवार से रामलीला मैदान सदर में होली महोत्सव शुरू हो जाएगा।
उधर, गंगोलीहाट के हाट कालिका दरबार में रविवार को कुंजनपुर गांव की होली का दल पहुंचा। दल ने भक्तिरस से सराबोर होलियों का गायन किया। मंदिर में होली गायन के बाद कुंजनपुर के दल ने रावलगांव और कुंजनपुर में घर-घर जाकर होली गायन किया। रावलगांव, कोठेरा, हाट, सुनारगांव, पाली, पोखरी में भी होली गायन शुरू हो गया है।