बृहस्पतिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से जिले की कई सड़कों पर यातायात बंद रहा। पिथौरागढ़-अल्मोड़ा मार्ग पर घाट से आगे बाटुली के पास रात में मलबा पट जाने से यातायात छह घंटे तक बंद रहा। लोक निर्माण विभाग ने शुक्रवार सुबह छह बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया और दस बजे रोड खुलने से वाहनों का आवागमन संभव हो पाया। बाटुली में पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा जाने वाले और अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ आने वाले कई वाहन फंसे रहे। इस रोड पर अभी कई स्थानों पर मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
उधर, थल-मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया नाला बृहस्पतिवार रात प्रचंड रूप से बहने लगा। हरड़िया नाला लगातार जमीन को काट रहा है और हरड़िया में सड़क दलदल में बदल चुकी है। बृहस्पतिवार रात हरड़िया में फिर से सड़क बंद हो गई। लोनिवि ने हरड़िया में मलबा हटाने के लिए स्थायी रूप से जेसीबी और बुलडोजर तैनात कर रखा है।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग अब भी छिरकिला बांध के पास ध्वस्त हैं। इस कारण तवाघाट से छिरकिला तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। कैलास यात्रियों के दो दलों को यह रास्ता बंद होने के कारण मांगती और पांगला से होकर जाना पड़ा था। इस बार भी छठे दल के सामने यही समस्या आने वाली है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने सभी सड़कों पर यातायात बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
छह जुलाई से फिर होगी बारिश
मौसम विभाग ने छह जुलाई से अगले 48 घंटे तक तेज बारिश की संभावना जताई है। इस बीच बृहस्पतिवार रात जिला मुख्यालय में 14.3 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा ने बताया कि एक-दो दिन तक शाम के समय छिटपुट बारिश होगी, लेकिन छह जुलाई से एक और सिस्टम सक्रिय हो रहा है। उसके बाद अगले 48 घंटे तक बारिश की संभावना बनी रहेगी।