पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर वाहनों के संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझ गया है। पर्यटन एसोसिएशन और टैक्सी यूनियनों की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया है। अब इस मार्ग पर सभी वैध वाहन संचालित हो सकेंगे।
वाहनों के संचालन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना होगा। यदि छोटे या अधिक भार क्षमता वाले वाहनों के कारण टूट-फूट होती है तो इसकी जिम्मेदारी वाहन स्वामी और चालक की होगी। यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी होने पर भी यही नियम लागू होगा।
बैठक में आदि कैलाश, धारचूला और देवभूमि टैक्सी यूनियनों ने भाग लिया। सभी वैध वाहनों को आदि कैलाश टैक्सी यूनियन में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में मार्ग की स्थिति ठीक नहीं है। इससे छोटी कारें और भारी वाहन फंस जाते हैं जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह स्थिति ठीक नहीं मानी गई। यहां पर्यटन एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश कुमार, आदि कैलाश टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र नबियाल, देवभूमि टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष नवल किशोर, कार्तिक भाटिया, देवेश तिवारी, पुष्कर वर्मा आदि मौजूद रहे।
यात्रियों और चालक से अभद्रता करने पर होगी कार्रवाई
वाहन स्वामियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संचालन का निर्णय लेना होगा। सभी पक्षों ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ टैक्सी संचालकों के हितों को भी महत्वपूर्ण बताया। आपसी सहमति से ही यात्रा मार्ग पर वाहनों का संचालन किया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि यात्रियों और वाहन चालकों के साथ अभद्रता या लूट-खसोट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।