पिथौरागढ़। जाजरदेवल में शराब की दुकान का विरोध जोर पकड़ने लगा है। महिलाएं क्षेत्र से शराब की दुकान को हटवाने के लिए एकजुटता से आगे आ रही हैं। सोमवार को महिलाओं ने शराब की दुकान खोलने के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। गुस्साई मातृशक्ति ने दोटूक कहा कि युवाओं को रोजगार और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में नाकाम सरकार गांव-मोहल्लों तक शराब की व्यवस्था करा रही है,जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जाजरदेवल क्षेत्र के गेठना, सुजई, उर्ग, ओड़माथा, सल्मोड़ा, सातसिलिंग, जीबी, घुनसेरागांव और मड़ खड़ायत गांव की महिलाएं सोमवार को शराब की दुकान के विरोध में कलक्ट्रेट पहुंचीं और प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर संस्कृत गांव के नजदीक जाजरदेवल में शराब की दुकान खोली जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके गांवों के पास शराब की दुकान खोलने से माहौल खराब होगा। युवा और बच्चे नशे की गिरफ्त में फंसेंगे।
महिलाओं ने कहा कि क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने से पहले से गरीबी में जी रहे कई परिवार तबाह हो जाएंगे। चेतावनी दी कि यदि जाजरदेवल में शराब की दुकान खोलने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रेखा भट्ट, कमला, जानकी, मनीषा, हेमा, सावित्री, मोनिका सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।
महिलाओं का गुस्सा, दलील और मांग
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि आज हर गांव में बेरोजगार युवाओं की काफी संख्या है। सरकार उन्हें रोजगार देने के बजाय जगह-जगह दुकान खोलकर शराब बांट रही है। बेहतर शिक्षा के लिए अभिभावकों और बच्चों को पलायन करना पड़ रहा है। यदि शराब की दुकान की जगह अच्छे शिक्षण संस्थान खुलते तो बच्चे इनमें बेहतर शिक्षा लेकर अपना भविष्य बनाते और पहाड़ों से पलायन भी रुकता। सरकार ने इन मुद्दों को दरकिनार कर युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने के लिए गांव-गांव में शराब पहुंचाने का कार्य कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।