नोटीफाइड एरिया जौलजीबी करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय युवा संगठन के नेतृत्व में सीमांत के सैकड़ों लोग सड़कों में उतर आए। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों के सड़क पर चक्काजाम किया। जिससे नगर के आंतरिक मार्ग पर लगभग एक घंटे तक यातायात ठप रहा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अखिल भारतीय युवा संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नबियाल के नेतृत्व में कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने धारचूला बचाओ नारे के साथ नोटीफाइड लाइन को छिलालेख से जौलजीबी लाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अनवर चौक पर12 बजे से सांकेतिक चक्का जाम किया। जाम की सूचना मिलने ही थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने संगठनों के पदाधिकारियों से जाम हटाने का अनुरोध किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2016 से लगातार मांग की जा रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने 12 जनवरी को मशाल जुलूस निकालने और 25 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय भारत नेपाल पुल को दो घंटे के लिये बंद करने की चेतावनी दी। रं यूथ फोरम के अध्यक्ष पूरन ग्वाल, राजू नबियाल, नंदा बिष्ट, दिनेश चलाल ने अपने अपने विचार रखे। मौके पर पहुंचे प्रभारी तहसीलदार विपिन चंद्र मुनगली और पेशकार खीमानंद ने वार्ता की। मांग को शासन स्तर पर भेजने के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया। उन्होंने अनवर चौक से तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला। इसके बाद लोनिवि सभागार में बैठक में रं कल्याण संस्था अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल एवं रं यूथ फोरम अध्यक्ष पूरन ग्वाल ने कहा कि सीमांत की सुरक्षा के लिए शीघ्र सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए।
भारत चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली, अनवाल समुदाय अध्यक्ष गुमान सिंह बिष्ट ने भी आंदोलन का समर्थन किया। प्रदर्शन में पूर्व प्रधान गुंजी जसमा गुंज्याल, पूर्व प्रधान बोन दान सिंह बोनाल, ग्राम प्रधान बूंदी लक्ष्मी रायपा, लक्ष्मी परमार, क्षमा गर्ब्याल, दीपक दरियाल, रूप सिंह बिष्ट, दिनेश गुंज्याल, बिंदु रौंकली, अंजू रौंकली, उर्मिला डाबरा, दिनेश चलाल, लालू रायपा, बिशन कुटियाल आदि मौजूद थे।