कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम बीज उत्पादन केंद्र का निरीक्षण करते नाबार्ड के अधिकारी
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कृषि विज्ञान केंद्र के गैना फार्म में मशरूम बीज उत्पादन इकाई स्थापित कर दी गई है। नाबार्ड के सहयोग स्थापित इस इकाई के माध्यम से अब मशरूम उत्पादकों को बीज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। नाबार्ड के उप मुख्य महाप्रबंधक केबी दुवा ने कहा कि मशरूम उत्पादन के प्रति किसानों को प्रेरित किया जाए और उनको जरूरत के हिसाब से बीज उपलब्ध कराए जाएं।
मशरूम परियोजना अधिकारी डा. निर्मला भट्ट ने कहा कि इस इकाई से जिले एवं आसपास के अन्य जिलों को भी बीज सप्लाई किए जाएंगे। मशरूम को बाजार उपलब्ध कराने की कोई समस्या नहीं रहती। नाबार्ड के जिला प्रबंधक पुनीत नागर ने कहा कि किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन, पशुपालन, मछली पालन, संरक्षित खेती को अपनाना चाहिए।
उन्होंने किसानों के लिए बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। आजीविका परियोजना के निदेशक कुलदीप बिष्ट ने मशरूम उत्पादक समूहों को उत्पादन, मार्केटिंग, लाभ के बारे में बताया। झूलाघाट के मशरूम उत्पादन पुष्कर सिंह गोबाड़ी ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस दौरान जीवन लाल, संजय गोस्वामी, जगदीश कुमार, दीपक कुमार आदि उपस्थित थे।