पिथौरागढ़। भारत और नेपाल के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में हुई भारत-नेपाल समन्वय बैठक में सूचनाओं के आदान-प्रदान, अपराध एवं तस्करी पर प्रभावी रोकथाम और आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने भारत की ओर से महत्वपूर्ण बिंदु रखे। नेपाल की ओर से बैतड़ी की मुख्य जिलाधिकारी मीना अर्याल और दार्चुला के मुख्य जिलाधिकारी वर्तराज पौडेल ने सुझाव रखे। दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय पुलिस, एसएसबी, कस्टम और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
आपदा की स्थिति में महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर साझा करने और एक-दूसरे को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। सीमा क्षेत्र में आवागमन से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा और उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में एसपी अक्षय प्रहलाद कोंडे, डीएफओ आदित्य रत्न, एडीएम योगेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नेपाल के अधिकारियों ने देखा ऐतिहासिक सोरगढ़ किला
समन्वय बैठक में शामिल होने आए नेपाल के अधिकारियों ने नगर के मध्य स्थित ऐतिहासिक सोरगढ़ किले का भ्रमण किया। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाईं ने उन्हें किले के इतिहास, महत्व और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। नेपाल के अधिकारियों ने किले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण दोनों देशों के बीच आपसी समझ और संबंधों को और मजबूत करने में सहायक है। इस मौके पर उपनिदेशक पर्यटन अतुल भंडारी, एसडीएम सदर जितेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।