डीडीहाट में सुनसान पड़ा वाहनों का वर्कशॉप
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नोटबंदी के बाद छोटे तबकों के लोगों पर किस तरह का असर पड़ रहा है यह अब सामने आने लगा है। यहां छोटे कारोबारी खासी मुसीबत में आ गए हैं। वर्कशॉप का काम करने वालों के पास अब काम नहीं रह गया है। अब वाहन स्वामी ज्यादा मजबूरी में ही वाहनों को मरम्मत के लिए ला रहे हैं। गाड़ियों की डेंटिंग-पेंटिंग का काम तो लगभग बंद ही हो गया है।
यहां पर वर्कशॉप चलाने वाले खटीमा, पीलीभीत आदि नगरों के रहने वाले हैं। जब तक नोटबंदी नहीं हुई थी तब तक रोजाना तीन से पांच तक गाड़ियां मरम्मत के लिए आ जाती थी, लेकिन अब चार दिन बाद एक गाड़ी भी बड़ी मुश्किल से मरम्मत को आ रही है। वर्कशॉप चलाने वाले गुल्ली ने बताया कि अब कामधंधा चौपट होने लगा है। जो भी वाहन ठीक कराने आ रहा है वह उधार में काम कराना चाहता है। खुद भी उनको राशन, तेल जैसी सामग्री दुकानों से उधार में लेनी पड़ रही है। वह कहते हैं कि उधारी का यह धंधा ज्यादा दिन तक चलने वाला नहीं है। लोगों के पास पैसे नहीं हैं। वह रकम को बड़ी सावधानी से खर्च कर रहे हैं। अनावश्यक खर्चों पर तो रोक ही लग गई है।
डेंटिंग-पेंटिंग का काम करने वाले गुड्डू का कहना है कि अब काम नहीं आ रहा है। कई दिनों से खाली बैठे हैं। यदि यही हालत रही तो ज्यादा दिन डीडीहाट में टिक पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई 100, 200 रुपए का काम करा रहा है तो दो हजार का नोट दिखा रहा है। लौटाने के लिए छोटे नोट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कई दिनों से दुकान से उधार का राशन खरीदकर खा रहे हैं। अब चिंता सता रही है कि आगे का समय कैसे निकलेगा।