पिथौरागढ़ नैनीसैनी हवाई पट्टी में सलामी लेतीं राज्यपाल
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राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का पहली बार पिथौरागढ़ आगमन पर नैनीसैनी हवाई पट्टी पर पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत किया। राज्यपाल ने पुलिस परेड की सलामी ली। इसके बाद वह पंडा फार्म स्थित अतिथि विश्राम गृह पहुंचीं। उन्होंने विभिन्न महिला संगठनों से वार्ता करते हुए पहाड़ की महिलाओं की प्रशंसा की और उनकी आर्थिकी को बढ़ावा देने के निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिए।
राज्यपाल ने कहा कि पहाड़ की महिलाएं विषम भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करती हैं। महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पहुंचाया जाना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने उन्हें जिले में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि 12 तहसीलों में एक भी तहसीलदार नहीं है। एकमात्र नायब तहसीलदार हैं। राज्यपाल ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, औद्यानिकी के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें चिकित्सकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों की कमी के बारे में भी बताया गया। इस पर राज्यपाल ने सीडीओ को शिक्षकों और चिकित्सकों के रिक्त पदों की सूची दो दिन के अंदर उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने महिला स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और उनके कल्याण के लिए कार्य करने पर जोर दिया। कहा कि किसानों के उत्पादों का उनको बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिले में एक विशेष उत्पाद के लिए फोकस किया जाए। इस पर सीडीओ ने उन्हें लाल चावल और च्यूरा उत्पादन को बढ़ावा देने के बारे में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सीडीओ ने कहा कि जिले को खेल के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु ने राज्यपाल को पुलिस बल में कमी के बारे में बताया। उन्होंने स्कूलों में नशा उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान की भी जानकारी दी।
बाद में राज्यपाल ने विकास भवन स्थित किसान आउटलेट का निरीक्षण किया और ऊनी उत्पादों, दन, कालीन व्यवसाय को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इस दौरान राज्यपाल के सचिव आरके सुधांशु, एडीसी डॉ. असीम श्रीवास्तव, एसडीएम आरके पांडेय आदि मौजूद थे।
मोष्टामाणू मंदिर में की पूजा-अर्चना
पिथौरागढ़। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य शाम के वक्त चंडाक के भ्रमण पर पहुंची। प्रदेश सरकार की ओर से चंडाक को पर्यटन डेस्टिनेशन के लिए चयनित किया है। चंडाक की खूबसूरती की उन्होंने सराहना की। राज्यपाल ने मोष्टामाणू मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की।