झूलापुल पर नेपाल में वृद्घ महिला के अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस आते धारचूला के स्थानीय लोग?
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धारचूला। दोनों प्रशासन के सहयोग के बाद दादी के अंतिम दर्शन के लिए झूलापुल खोला गया। करीब दो घंटे बाद क्रिया में गए लोगों के वापस लौटने के बाद झूलापुल बंद कर दिया गया। एसएसबी निरीक्षक दीपक चंद ने बताया कि पुल से 109 लोगों ने आवाजाही की।
पांगू निवासी प्रेमा देवी की दादी दार्चुला गंगाबगड़ की पंखिया देवी (100) की बुधवार सुबह आकस्मिक मृत्यु हो गई। अंतिम क्रिया के लिए प्रेमा ने स्थानीय प्रशासन से झूलापुल खोलने की मांग की। भारत और नेपाल प्रशासन की सहमति के बाद झूलापुल खोला गया। नातनी प्रेमा के साथ ही 52 लोग अंतिम क्रिया के लिए गए। झूलापुल खुलने पर भारत से 27 लोग नेपाल और नेपाल से 30 लोग भारत आए। झूलापुल पर डॉ. पूरन थलाल, डॉ. गोतेंदर सिंह, फार्मास्टि देवेंद्र ने सभी की जांच की। इस दौरान नायब तहसीलदार मनीषा बिष्ट, पेशकार खीमानंद भट्ट, राजस्व उपनिरीक्षक उदय भंडारी, कांस्टेबल प्रतापी तामी शामिल रहे।