पिथौरागढ़/धारचूला। आदि कैलाश यात्रा का पहला दल बृहस्पतिवार देर रात पर्यटक आवास गृह पहुंचा। केएमवीएन कर्मियों ने माला पहनाकर यात्रियों का स्वागत किया गया। रात्रि विश्राम के बाद यात्री शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे धारचूला के लिए रवाना हुए। दोपहर दो बजे धारचूला पहुंचे यात्रियों का बुरांश का जूस पिलाकर स्वागत हुआ।
आदि कैलाश यात्रा के पहले दल के 10 पुरुष और नौ महिलाएं बृहस्पतिवार रात साढ़े दस बजे केएमवीएन के पिथौरागढ़ स्थित पर्यटक आवास गृह पहुंचे। यहां आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में यात्रियों का स्वागत किया गया। शुक्रवार सुबह यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में गंदगी नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में पड़े कूड़े को एकत्र कर वापसी में धारचूला लाने का भी अनुरोध किया गया। साथ ही उन्हें पांच पौधे कालापानी मंदिर में रोपने के लिए दिए गए।
जिलाधिकारी रीना जोशी ने कहा कि यात्रियों की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने यात्रियों के साथ आवास गृह परिसर में पौधरोपण किया। बाद में शंख ध्वनि और हरी झंडी दिखाकर यात्रियों को धारचूला के लिए रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों ने हर-हर महादेव का भी उद्घोष किया। इस मौके पर दल के कोऑर्डिनेटर पवन चौधरी, पदम सिंह, वेदप्रकाश, हर सिंह, शेर सिंह, सौरभ खोलिया, दीपक, नरेंद्र थापा, महेश कुमार मौजूद रहे।
पर्यटक आवास गृह धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि दोपहर में दल यहां पहुंच गया। बुरांश का जूस पिलाकर यात्रियों का स्वागत किया गया। भोजन के बाद यात्रियों का स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल कराया गया। धारचूला में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को अगले पड़ाव गुंजी के लिए रवाना होंगे।
गर्बाधार में मलबा गिरने से बंद हुई सड़क खोली
पिथौरागढ़। धारचूला-लिपुलेख सड़क गर्बाधार के पास पहाड़ी से मलबा और बोल्डर आने से बृहस्पतिवार शाम को बंद हो गई थी जिसे शुक्रवार को खोल दिया गया है। वहीं कुटी से ज्योलिंकांग जाने वाले मार्ग पर ग्लेशियर आया है जिसे हटाने का कार्य चल रहा है।
वहीं डीएम ने बीआरओ को सड़क को सुचारु रखने के निर्देश दिए है। पर्यटक आवास गृह धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में कुटी से ज्योलिंकांग जाने वाले रास्ते पर ग्लेशियर आया है। नाभीढांग तक रास्ता साफ बताया जा रहा है लेकिन उसके आगे अभी रास्ता बंद है। बीआरओ की टीम मार्ग से बर्फ हटाने में जुटी हुई है। सीमांत क्षेत्र में मौसम बिगड़ा हुआ है। यदि रास्ते शीघ्र नहीं खोले गए तो यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।