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Pithoragarh News: बोल्डर, मलबा आने से आदि कैलाश मार्ग बंद

Sun, 25 Aug 2024 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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धारचूला में दुकानों में घुसा बारिश का पानी। संवाद
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पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश से नुकसान का सिलसिला जारी है। शनिवार देर रात धारचूला में भारी बारिश होने से आदि कैलाश मार्ग बंद हो गया। वहीं जिले में 26 सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं।
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टनकपुर-तवाघाट एनएच चेतलकोट, कुलागाड़, जीरो प्वाइंट आदि जगहों पर बोल्डर और मलबा आने से बंद है। इसके चलते दोनों और कई वाहन फंसे हुए हैं। कार्यदायी संस्था हिलवेज के सीनियर मैनेजर त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि मौके पर जेसीबी मशीन सड़क खोलने में जुटी हैं। उन्होंने शीघ्र सड़क खुलने की उम्मीद जताई है।
धारचूला में शनिवार देर रात हुई भारी बारिश से नगर के खड़ी गली और नेपाल रोड पर पानी आने आने से घंटे भर अफरातफरी मची रही। लोग बारिश रुकने तक जगे रहे। बारिश का पानी नेपाल रोड के कर्मा खंपा और विनोद बिष्ट की दुकानों में घुसने से हजारों का सामान खराब हो गया है।
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सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक जीवन सिंह पुनेठा मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा ने प्रशासन से पीड़ित व्यापारियों को मुआवजा देने की मांग की है। मलबा आने से थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया के पास बंद रही।


सीमांत में यह सड़कें हैं बंद
सीमांत जिले में एक सीमा समेत 22 सड़कें मलबा, बोल्डर आने से बंद हैं। सीमा को जोड़ने वाला धापा-मुनस्यारी मोटर मार्ग चिलमधार के पास बंद है। ग्रामीण क्षेत्रों की बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, खेला-गर्गुवा, पौड़ी-घटकूना, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-तोमिक, बंगापानी-जाराजिबली, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमती, आदीचौरा-सिणी, नाचनी-भैंसकोट सड़कें बंद हैं। इनके अलावा डीडीहाट-आदीचौरा-हुनेरा, मदकोट-बोना, बांसबगड़-धामीगांव, रांथी-बोरा गांव, झूलाघाट-बलतड़ी, ड्योरा-बारमो, मालाकोट-लोध, रसैपाटा-सुआलेख, बुंगाछीना-बाटुला, मुनस्यारी-नाचनी-पांगर सड़कें मलबा, बोल्डर आने से बंद चल रही हैं। लंबे समय से सड़कों पर आवाजाही ठप रहने से लोग परेशान हैं। संवाद

10 मीटर सड़क दरकने से बंगापानी-जारा जिबली सड़क बंद

बंगापानी (पिथौरागढ़)। बीते दिनों हुई भारी बारिश से बंगापानी-जारा जिबली मोटर मार्ग पर हुमकट्या नामक स्थान पर 10 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है। इससे यातायात ठप हो गया। इस कारण 1500 आबादी को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को जरूरी सामान के लिए पैदल आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीण विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों से सड़क धंसने से विद्यालय जाने वाले करीब 20 विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना कर आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं कड़तिरौड़ा में भी लगातार पत्थर गिरने से हादसे का खतरा बना हुआ है।

कहां कितनी बारिश
धारचूला 86 मिमी
बंगापानी 65 मिमी
थल 37 मिमी
तेजम 34 मिमी
डीडीहाट 25.6 मिमी

झूलाघाट सड़क पर टूटे कॉजवे से बढ़ा दुर्घटना का खतरा

-कॉजवे से निकली सरिया से वाहनों को पहुंच रहा है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा को जोड़ने वाली झूलाघाट सड़क पर टूटे कलमठ दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कॉजवे से बाहर निकली सरिया से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है, इससे चालक परेशान हैं।
झूलाघाट सड़क पर जामिरपानी, खरक्यूड़ा के बीच पानी की निकासी के लिए बने कॉजवे क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालक और यात्री परेशान हैं। कमान सिंह धरियाल ने बताया कि वह रविवार को अपनी कार से झूलाघाट जा रहे थे। जामिरपानी के पास टूटे कॉजवे से बाहर निकले सरिया से कार का रेडिएटर फट गया। कार बीच सड़क पर खड़ी हो गई और उन्हें खासा नुकसान झेलना पड़ा। ग्राम प्रधान मजिरकाड़ा किरन भट्ट, प्रधान कानड़ी पूजा चंद, प्रधान बलतड़ी पूजा भट्ट, प्रधान गेठीगाड़ा देवकी देवी, सरपंच पुष्कर सिंह गोबाड़ी, चंद्र शेखर भट्ट, पूर्व बीडीसी सदस्य रमेश चंद्र रोडियाल ने कॉजवे के मरम्मत की मांग की है। संवाद

कोट
- जिला योजना से कॉजवे के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हुआ है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही इनका निर्माण कार्य शुरू होगा। - वेद प्रकाश, जेई, लोनिवि, पिथौरागढ़। संवाद
फोटो-25 पीटीएच 16 पी- पिथौरागढ़-झूलाघाट सड़क पर क्षतिग्रस्त कॉजवे और इससे निकली सरिया। संवाद

बारिश से फसलों को पहुंचा भारी नुकसान

बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी क्षेत्र में शनिवार को भारी बारिश से ग्राम मदरमा, आलम दारमा, दाखिम समेत कई स्थानों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश से धान और मक्के की करीब 150 नाली में बोई फसल बरबाद हो गई। फसलों को नुकसान पहुंचने से किसान निराश हैं।
ग्राम प्रधान उमेश धामी ने शासन और प्रशासन से राजस्व की टीम भेजकर क्षतिग्रस्त भूमि का आकलन कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। संवाद


आपदा से बोना गांव में आलू और राजमा की खेती चौपट
- हर साल 400 क्विंटल आलू और 200 क्विंटल राजमा का उत्पादन करता है बोना गांव

संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। विकासखंड मुनस्यारी का बोना गांव आलू और राजमा की खेती के लिए प्रसिद्ध है। भूस्खलन के कारण आलू, राजमा उत्पादक यह गांव खतरे की जद में है। कई तोकों में भूस्खलन से जमीन पर दरारें पड़ गई हैं। इससे गांव में आलू और राजमा के उत्पादन में करीब 50 फीसदी की कमी आने की आशंका है।
सीमांत तहसील मुनस्यारी करीब आठ हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित बोना गांव सबसे बड़ा राजमा उत्पादक गांव है। इस गांव का हर एक परिवार राजमा की खेती करता है। जैविक राजमा और आलू उत्पादन से ही परिवारों की आजीविका चलती है।
प्रत्येक सीजन में तीन से चार सौ क्विंटल आलू और करीब दो सौ क्विंटल राजमा का उत्पादन अकेला बोना गांव करता है। इस साल आपदा आलू और राजमा का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इससे काश्तकारों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। काश्तकारों ने शासन- प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है।



कोट

- क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से इस साल जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। कई खेतों में मलबा घुस गया है। कटाव होने से बोना गांव को भी खतरा पैदा हो गया है। इस साल आलू, राजमा का उत्पादन प्रभावित होगा। प्रशासन ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए। - बिक्की फर्स्वाण, आलू व्यापारी वल्थी।
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