धारचूला (पिथौरागढ़)। भारी भूस्खलन और मलबे के कारण आदि कैलाश और मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद होने से व्यास घाटी का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से टूट गया। इस मार्ग पर ग्रामीण और मानसरोवर यात्री करीब 25 घंटे तक फंसे रहे और सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। प्रशासन की ओर से मार्ग साफ किए जाने के बाद ही दोनों तरफ फंसे लोगों का आवागमन बहाल हो सका। इसके बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा के साथ ही दारमा घाटी, आदि कैलाश और मानसरोवर को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख हाईवे पर बीते बृहस्पतिवार तंपा के पास पहाड़ी दरक गई। भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से हाईवे पर आवाजाही ठप हो गई इससे दोनों तरफ यात्री और वाहन चालक फंस गए। दारमा घाटी का संपर्क कट गया।
बीआरओ ने बोल्डरों को हटाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह भी सड़क न खुलने से धारचूला पहुंचे मानसरोवर यात्री गुंजी के लिए रवाना नहीं हो सके। उन्हें पर्यटक आवास गृह में सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। बमुश्किल बीआरओ ने दोपहर 12 बजे बोल्डर हटाकर आवाजाही सुचारु कराई। तब जाकर फंसे यात्री निकल सके और मानसरोवर यात्रियों को गुंजी के लिए रवाना किया गया। यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि मानसरोवर यात्रियों के पहुंचने तक सड़क खोल दी गई। यात्री शाम छह बजे तक गुंजी पहुंच जाएंगे।
यात्री और वाहन चालक रहे परेशान
थल। शुक्रवार दोपहर बाद जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से थल-मुनस्यारी सड़क नौलड़ा के पास बंद हो गई इससे दोनों तरफ सैकड़ों वाहन और यात्री फंस गए। यात्रियों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। सूचना के बाद लोनिवि ने जेसीबी भेजी। देर शाम बमुश्किल बोल्डर हटाकर आवाजाही सुचारु कराई जा सकी और यात्री गंतव्य को रवाना हो सके। संवाद
11 ग्रामीण सड़कें बंद होने से दिक्कत
जिले में बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से 11 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है। इनमें से आठ सड़कें एक सप्ताह से बंद हैं इससे ग्रामीणों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मानसूनकाल से पूर्व बंद सड़कों को जल्द खोलने की तैयारी पूरी करने के दावे तो खूब किए गए जो बारिश शुरू होते ही हवाई साबित हुए हैं। सड़कों के बंद होने से बीमारों और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं गांवों में सप्लाई ठप होने से राशन, सब्जी, फल सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की किल्लत शुरू हो गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। जल्द सड़कों पर आवाजाही सुचारु कर दी जाएगी।
जिले में बारिश का आंकड़ा (एमएम में)
पिथौरागढ़ 4.0
बेड़ीनाग 1.0
मुनस्यारी 9.2
बंगापानी 14.0
गणई गंगोली 10.0
देवलथल 2.0
गंगोलीहाट 5.0
धारचूला 24.6
कनालीछीना 2.0
तेजम 10.0
थल 4.0