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स्वर्ग के समान है आदी कैलाश

Thu, 23 Feb 2017 10:12 PM IST
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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आदी कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर - फोटो : अमर उजाला
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पिथौैरागढ़ जिला उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस धरती पर एक से बढ़कर एक धार्मिक स्थल हैं। इन्हीं में से एक आदी कैलाश धार्मिक पर्यटन में रुचि रखने वालों के लिए स्वर्ग के समान है। समुद्र तल से 6191 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आदी कैलाश के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम कैलास मानसरोवर की तरह ही यात्रा का संचालन करता है। धारचूला से आदी कैलाश की दूरी 157 किमी है। इसमें 105 किमी की यात्रा पैदल करनी पड़ती है।
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आदी कैलाश को छोटा कैलाश भी कहा जाता है। आदी कैलाश में भी कैलाश के समान ही पर्वत है। मानसरोवर झील की तर्ज में पार्वती सरोवर है। आदी कैलाश के पास गौरीकुंड है। कैलाश मानसरोवर की तरह ही आदी कैलाश की यात्रा भी अति दुर्गम यात्रा मानी जाती है। आदी कैलाश जाने के लिए धारचूला से 17 किमी तवाघाट, तवाघाट से 17 किमी पांगू, पांगू से 18 किमी दूर नारायण आश्रम तक वाहन से जाया जा सकता है। वहां से 11 किमी सिर्खा, सिर्खा से 14 किमी गाला, गाला से 23 किमी बूंदी, बूंदी से 9 किमी गर्ब्यांग, गर्ब्यांग से 10 किमी गुंजी, गुंजी से 29 किमी कुटि, कुटि से 9 किमी चलकर ज्योलिंकांग पहुंचा जा सकता है। ज्योलिंगकांग से आदी कैलाश के दर्शन होते हैं। आदी कैलाश से 2 किमी आगे खूबसूरत पार्वती सरोवर है। आदी कैलाश पर्वत की जड़ में गौरीकुंड स्थापित है। पार्वती सरोवर और गौरीकुंड में स्नान का विशेष महत्व बताया जाता है।

हर साल सैकड़ों भक्त आदी कैलाश की यात्रा करते हैं। केेएमवीएन तो यात्रा का संचालन करता ही है, निजी तौर पर भी लोग छोटा कैलाश की यात्रा करते हैं। आदी कैलाश की यात्रा कर चुके ट्रेकर जीवन ठाकुर बताते हैं कि आदी कैलाश के दर्शन से सुखद अनुभूति होती है। वह कहते हैं कि कैलाश की यात्रा पर न जा पाने वाले लोगों को आदी कैलाश की यात्रा अवश्य करनी चाहिए।
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साथ में ऊँ पर्वत दर्शन का तोहफा
केएमवीएन की ओर से कराई जाने वाली छोटा कैलाश की यात्रा में ऊँ पर्वत के दर्शन का लाभ भी यात्रियों को मिलता है। यात्रियों को गुंजी से 9 किमी आगे कालापानी और कालापानी से 6 किमी आगे नाभीढांग ले जाया जाता है। वहां से ऊँ पर्वत के दीदार होते हैं। यात्री फिर गुंजी आकर कुटि के लिए प्रस्थान करते हैं। यानि कि आदी कैलाश जाने से पहले यात्री ऊँ पर्वत के दर्शन करते हैं।

छोटा कैलाश यात्रा का संचालन हर साल 10 से 15 जून के मध्य किया जाता है। यात्रियों के आने-जाने, रहने-खाने की व्यवस्था निगम की ओर से की जाती है। दिल्ली से 36,000 रुपए प्रति यात्री भुगतान निगम को करना होता है। -टीएस मर्तोलिया, महाप्रबंधक, कुमाऊं मंडल विकास निगम।
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