फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भिटौली देने निकले सोर के आराध्य देवलसमेत बाबा

Fri, 30 Mar 2018 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
पिथौरागढ़ के विण में देवल समेत बाबा का आह्वान करते गण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सोर (पिथौरागढ़) के आराध्य देव भगवान देवलसमेत बाबा बहनों को भिटौली देने 22 गांवों के लिए रवाना हो गए हैं। शुक्रवार को वह सोरघाटी के 11 गांवों में पहुंचे। अपनी बहनों (माता भगवती) को भिटौली दिया। शनिवार को 11 गांवों में बहनों से मिलकर भिटौली देंगे। शाम को शहर के घंटाकरण में लुंठ्यूड़ा गांव की माता भगवती से मिलन होगा। शहर के विण से जब देवल समेत बाबा का डोला निकला तो माहौल भक्तिमय हो गया।

विज्ञापन


शुक्रवार दोपहर विण से देवलसमेत बाबा का डोला उठा। गणों ने ढोल, नगाड़े की थाप के बीच रणसिंघा आदि वाद्ययंत्र बजाए। बाबा देवलसमेत के डांगर के साथ ही अन्य देव डांगर अवतरित हो गए। लोगों ने देवलसमेत बाबा का आशीर्वाद लिया। भगवान देवलसमेत बाबा विण गांव से दौला, देवलाल गांव, धनौड़ा, घुनसेरा, ओड़माथा, नैनी, चटकेश्वर समेत 11 गांवों के लिए निकल पड़े। शाम को बाबा का डोला तपस्यूड़ (जट्टेश्वर) के शिव मंदिर में पहुंचा, वहीं प्रवास किया।

शनिवार को सेरादेवल महादेव मंदिर से चैंसर, मल्ली जाखनी जाखनी, कुमौड़, चैंसर समेत 11 गांवों में बाबा का डोला पहुंचेगा। घंटाकरण में लुंठ्यूड़ा के भगवती के डोले से मिलन होगा। डोला फिर वापस तपस्यूड़ मंदिर पहुंचेगा। देव डांगर विण के कुलदीप सिंह महर, चैंसर के दीवान सिंह महर, विण के नंदन महर, हेमंत महर थे। देवलसमेत बाबा हर साल चैत्र माह में अपनी बहनों को भिटौली देने निकलते हैं। मान्यता के अनुसार सोरघाटी के 16 गांवों में उनकी 16 बहनें हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें