नगर के लुंठ्यूड़ा मोहल्ले में मंगलवार शाम दो महिलाओं पर तेजाब फेंकने वाला अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। तेजाब के हमले में ज्यादा झुलसी महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूसरी महिला को मंगलवार रात ही अस्पताल से छुट्टी दे गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी गुड्डू के खिलाफ धारा 326 क में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी गुड्डू को पकड़ने के लिए एक टीम पीलीभीत कबीरखां मोहल्ला भी भेजी गई है। आरोपी वहीं का रहने वाला है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के साथ काम करने वाले तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी शहर से बाहर न जाए इसके लिए मंगलवार रात ही पुख्ता प्रबंध कर लिए गए थे। पुलिस को आशंका है कि किसी ने उसे अपने घर में छिपाया होगा। अब तक की पड़ताल में पुलिस का यही कहना है कि इस घटना के पीछे नाजायज संबंधों की कहानी है। पीड़ित परवीन पत्नी शकीर अहमद भी पीलीभीत की रहने वाली हैं। शकीर और गुड्डू करीब सात साल पहले काम की तलाश में यहां आ गए थे। शकीर कबाड़ एकत्र करने का काम करता है, जबकि गुड्डू लोहाघाट में पेंटर का काम करता है। गुड्डू अक्सर शकीर के घर आता था। गुड्डू और शकीर के बीच काफी समय से विवाद था। विवाद की वजह परवीन ही बताई गई है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने बताया कि शकीर और परवीन की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। दस साल तक शकीर के साथ रहने के बाद परवीन गुड्डू के साथ भाग गई और दो साल तक गुड्डू के साथ रहने के बाद वह चार महीने पहले फिर शकीर के पास ही लौट आई। गुड्डू परवीन को इसी दगाबाजी के लिए सबक सिखाना चाहता था और उसने तेजाब से हमला कर दिया। तेजाब हमले के समय बीचबचाव को आई नाजिम की अंगुलियों में तेजाब की बूंदे गिरी हैं, उसकी हालत ठीक है।
वहीं, एसपी अजय जोशी ने बताया कि मंगलवार रात से ही पुलिस की पांच टीमें गुड्डू की तलाश में जगह-जगह छापा मार रही हैं। पुलिस को इतना यकीन है कि गुड्डू शहर से बाहर नहीं गया होगा। जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. एलएस बोरा ने बताया कि पीड़ित परवीन की दांयी आंख में तेजाब की बूंद गिरी है। इस कारण आंख खुल नहीं पा रही है। दाएं कान में भी एसिड गिरा है। यह कान भी बंद है। उन्होंने कहा कि अभी पीड़ित की हालत स्थिर बनी हुई है।
तेजाब कहां से लाया इसकी जांच होगी
पुलिस का ध्यान इस समय आरोपी गुड्डू को पकड़ने पर ज्यादा है। उसे पकड़ने के बाद पुलिस यह पता लगाएगी कि उसने तेजाब कहां से हासिल किया। तेजाब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई तेजाब खरीदता है तो उसे अपना पूरा ब्योरा दुकानदार को देना होगा। सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस बाद में तेजाब बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट ने बताया कि तेजाब खरीदने के लिए डीएम से अनुमति लेनी पड़ती है। जिन संस्थानों को तेजाब की जरूरत होती है, वह पहले डीएम से अनुमति लेते हैं। उन्होंने कहा कि तेजाब के हमले पर सख्त कानून बना है।
राज्य सरकार पीड़ित को देती है मुआवजा
राज्य सरकार तेजाब हमले में पीड़ित को बिना रिपोर्ट दर्ज किए भी 2 लाख रुपये का मुआवजा देती है। यह धनराशि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जारी की जाती है। डीएम इसकी संस्तुति करते हैं। सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि पीड़ित परिवार के लोग डीएम के यहां प्रार्थना पत्र देंगे। डीएम शासन को इसकी संस्तुति करते हैं।
घटना से नगर के लोग सकते में
शांत समझे जाने वाले पिथौरागढ़ नगर में अब तक के इतिहास में तेजाब से हमले की पहली घटना से लोग सकते में हैं। लोगों का कहना है कि बाहरी प्रदेशों और जिलों से आने वाले लोगों का सत्यापन न होने के कारण ही ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। सीमांत यूथ मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील खत्री का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे और इस बात का ध्यान देना होगा कि दोबारा ऐसी घटना सामने न आए।