पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज की अदालत ने डरा-धमकाकर छेड़छाड़ के आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। मामले के अनुसार 13 अप्रैल 2022 को क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने पहुंचकर तहरीर दी थी। इसमें कहा गया था कि विशाल भट्ट उनकी नाबालिग बेटी को डरा-धमकाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ की।
इसके अलावा वह उनके परिवार को भी डरा-धमका रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 511 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा-8 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिला किया था।
तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था, जिस पर बीते सोमवार को फैसला आया। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज की अदालत ने सभी पक्षों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद विशाल भट्ट पर लगाए आरोप निराधार पाए। इस पर न्यायालय ने उसे आरोपों से उसे दोषमुक्त करार दिया।
आबकारी अधिनियम का आरोपी बरी
पिथौरागढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज पूनम टोडी की अदालत ने आबकारी अधिनियम के आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। मामले के अनुसार नौ फरवरी 2023 को कोतवाली पिथौरागढ़ में तैनात उपनिरीक्षक प्रियंका मौनी की टीम थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि लिंठ्यूड़ा स्थित एक दुकान में काफी मात्रा में अवैध शराब रखी हुई है।
सूचना पर उनकी टीम मौके पर पहुंची तो वहां से रई निवासी नरेंद्र सिंह को 31 पेटी अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिला किया था। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था, जिस पर मंगलवार को फैसला आया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज पूनम टोडी की अदालत ने सभी पक्षों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद नरेंद्र सिंह को दोषमुक्त करार दिया। संवाद