पिथौरागढ़/मुनस्यारी। सीमांत जिले में कड़ाके की ठंड के बीच सड़कों पर पाला गिरने से दुर्घटनाएं हो रही हैं लेकिन सुरक्षा के इंतजाम गायब हैं। यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को अनदेखा कर पाला संभावित क्षेत्रों में चूने का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। मुनस्यारी में खलिया टॉप से लौट रही पर्यटकों की एक कार पाले में फिसलकर पलट गई। संयोग से इसमें सवार तीन पर्यटक सुरक्षित बच गए।
इन दिनों सीमांत जिले में रात के समय पाला गिर रहा है और तापमान माइनस से नीचे पहुंच रहा है। धारचूला हाईवे पर नैनीपातल, पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना में सड़कों पर पाले की सफेद चादर बिछ रही है। थल-मुनस्यारी सड़क पर बनिक, गिनी बैंड, कालामुनि, खालिया द्वार आदि स्थानों पर पाला गिरने से वाहन रपट रहे हैं। पूर्व में जिला स्तर पर हुई बैठकों में पाला प्रभावित सड़कों पर चूने का छिड़काव करने के निर्देश जारी हुए थे।
जब सड़कों पर पाला दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है तो सुरक्षा के इंतजाम गायब हैं और सभी निर्देश हवाई साबित हुए हैं। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर भी सेरा, कैथी बैंड, दरकोट बैंड, फगुआ बगड़ आदि स्थानों पर सड़क पाले से पटी है। यहां न चूना नजर आ रहा है और न अन्य कोई इंतजाम। इस अनदेखी के चलते इन सड़कों पर यात्री और वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
खालिया द्वार के पास पाले में फिसलकर नाले में पलटी पर्यटकों की कार
मुनस्यारी। शुक्रवार सुबह बरेली के पर्यटक अपनी कार से खलिया टॉप से मुनस्यारी लौट रहे थे। इसी बीच खलिया द्वार के पास कार पाले में फिसलकर नाले में पलट गई। संयोग से कार में सवार तीन पर्यटक सुरक्षित बच गए। यदि कार फिसलकर खाई की तरफ पलटती तो बड़ी घटना हो सकती थी। आसपास के लोगों ने कार को सीधा कर पर्यटकों को मुनस्यारी रवाना किया। पाला प्रभावित सड़कों पर सुरक्षा की यह अनदेखी यात्रियों पर भारी पड़ सकती है। संवाद
कोट
संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को पाला प्रभावित क्षेत्रों में चूने का छिड़काव करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। यदि सुरक्षा के इंतजाम नहीं हो रहे हैं तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई होगी। - योगेंद्र सिंह, एडीएम, पिथौरागढ़